युद्ध और महंगे ईंधन के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ी रफ्तार.वाराणसी में स्कूटी की बिक्री दोगुनी
वाराणसी, (जनवार्ता)। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध जैसे हालात और पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब लोग वैकल्पिक परिवहन की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा ईंधन की बचत और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील का असर अब वाराणसी में साफ दिखाई देने लगा है। शहर में इलेक्ट्रिक स्कूटी और अन्य ई-वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

शहर की इलेक्ट्रिक वाहन एजेंसियों पर इन दिनों ग्राहकों की भीड़ देखने को मिल रही है। खासतौर पर दोपहिया इलेक्ट्रिक स्कूटी की बिक्री में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। व्यापारियों का कहना है कि जहां पहले महीने में 15 से 20 स्कूटी बिकती थीं, वहीं अब बिक्री बढ़कर 50 से 60 तक पहुंच गई है।
रिंग रोड चौराहा बनियापुर और नई बाजार स्थित एजेंसियों के संचालकों के अनुसार, ग्राहकों का रुझान कम खर्च और बेहतर माइलेज वाले वाहनों की ओर तेजी से बढ़ा है। बाजार में 45 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक स्कूटियां उपलब्ध हैं। विभिन्न रंगों और आधुनिक फीचर्स वाले मॉडल ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
व्यापारियों ने बताया कि अधिकांश स्कूटियां तीन से चार घंटे की चार्जिंग में करीब 150 किलोमीटर तक चलने में सक्षम हैं। पेट्रोल की तुलना में इनका खर्च काफी कम पड़ता है, यही वजह है कि मध्यमवर्गीय परिवार तेजी से ई-वाहनों को अपना रहे हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। पेट्रोल-डीजल की महंगाई के साथ-साथ कम रखरखाव खर्च, सरकारी सब्सिडी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता लोगों को आकर्षित कर रही है।
शहर में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, जिससे उपभोक्ताओं की चिंता कम हुई है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनता जा रहा है।
हालांकि बढ़ती मांग के बीच कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी तेज हो गई है। ग्राहक तक पहुंच बनाने के लिए विभिन्न कंपनियां नए ऑफर, फाइनेंस सुविधा और आधुनिक फीचर्स के जरिए बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वाराणसी सहित पूर्वांचल के अन्य शहरों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से विस्तार करेगा।

