वाराणसी कैंट में होटल वेस्ट इन गोलीकांड : पुलिस की लापरवाही और देरी से उड़ रहा है निष्पक्ष जांच पर सवाल !
वाराणसी (जनवार्ता) । छावनी क्षेत्र में स्थित होटल वेस्ट इन में शनिवार को हुए सनसनीखेज गोलीकांड की जांच में अब पुलिस कर्मियों की भूमिका पर गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है। मंडुआडीह निवासी युवती हर्षिता राय को उसके प्रेमी शुभम राय ने होटल के कमरे में .32 पिस्टल से गोली मार दी। गोली युवती के गले को छीलते हुए पीठ में लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गई।


आरोपी शुभम ने घायल प्रेमिका को तौलिए में लपेटकर ऑटो से निजी अस्पताल पहुंचाया और वहां फर्जी नाम-पता बताया। घटना की सूचना पहले सिगरा पुलिस तक पहुंची लेकिन कैंट पुलिस को एक दिन बाद पता चला। होटल प्रबंधन ने भी गोली चलने की सूचना तुरंत पुलिस को नहीं दी जिससे सबूत मिटाने के आरोप लग रहे हैं।
पुलिस ने रविवार को आरोपी शुभम राय को पिस्टल समेत गिरफ्तार कर लिया लेकिन जांच की गति और देरी पर सवाल उठ रहे हैं। होटल की सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर कब्जे में ले ली गई है। सूत्रों का कहना है कि होटल में एक परमानेंट कमरा संदिग्ध गतिविधियों वाले गिरोह द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था और आरोपी शुभम इसी गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और पीड़िता परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरू से ही लापरवाही बरती। घटना होटल में हुई लेकिन कैंट पुलिस को देर से जानकारी मिली। होटल प्रबंधन की मिलीभगत पर भी शक जताया जा रहा है। अगर पुलिस की उच्चाधिकारियों ने सख्ती नहीं दिखाई तो कई पुलिसकर्मी और होटल स्टाफ पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
पुलिस अब सीसीटीवी विश्लेषण, अस्पताल रिकॉर्ड और अवैध पिस्टल के स्रोत की जांच कर रही है। देखना होगा कि आला अधिकारी इस मामले में कितनी निष्पक्ष और तेज कार्रवाई करते हैं। पीड़िता फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है लेकिन पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालों ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है।
ऐसे मामलों में अगर पुलिस स्वयं संदेह के घेरे में आ जाए तो आमजन का विश्वास डगमगा जाता है। निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई ही इस पूरे प्रकरण का उचित समाधान हो सकता है।

