वाराणसी में चकबंदी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप, अधिवक्ताओं ने न्यायालय का किया बहिष्कार
वाराणसी (जनवार्ता)। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच वाराणसी के बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी पवन कुमार सिंधु के न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सोमवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया।

अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अधिकारी और उनके कार्यालय के बाबू पत्रावलियों की उचित जांच किए बिना गलत आदेश पारित कर रहे हैं। साथ ही रिश्वत लेकर पक्षकारों के घर-घर पहुंचकर काम करवाने का सिलसिला चला रखा है।
राजस्व बार एसोसिएशन के महामंत्री जितेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी पवन कुमार सिंधु और उनके स्टाफ पर दर्जनों मामले ऐसे हैं, जिनमें बिना सही जांच के त्रुटिपूर्ण फैसले दिए गए। उन्होंने कहा, “बाबू वादकारियों के घर तक पहुंचकर पैसे की मांग करता है। ऐसे भ्रष्टाचार की जांच जरूरी है।”
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एडीएम सिटी अमित कुमार भारतीय को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि अधिकारी का तत्काल स्थानांतरण किया जाए। ज्ञापन लेते हुए एडीएम सिटी ने कहा कि वे इस मामले को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट ऐलान किया कि जब तक पवन कुमार सिंधु का स्थानांतरण नहीं हो जाता, वे बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी के न्यायालय में किसी भी प्रकार का न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।
अधिवक्ता वर्ग ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांग पर त्वरित कार्रवाई नहीं की तो बहिष्कार और तेज किया जाएगा।

