आदि शंकराचार्य जयंती पर विद्यामठ में हुए धार्मिक अनुष्ठान
भज गोविंदम् व निर्वाण षट्कम् के पाठ से भक्तिमय हुआ वातावरण
वाराणसी,( जनवार्ता):
आदि शंकराचार्य की 2533वीं जयंती के अवसर पर केदार घाट स्थित शंकराचार्य घाट के समीप विद्यामठ में श्रद्धा और भक्ति के साथ विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से षोडशोपचार पूजन और अष्टोत्तर शतनाम अर्चन किया।


कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय आध्यात्मिक उत्थान मंडल के तत्वावधान में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों की सहभागिता रही। इस अवसर पर शंकराचार्य रचित ‘भज गोविंदम्’ का सामूहिक पाठ किया गया, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त हो गया।
काशी विदुषी परिषद की सावित्री पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म की रक्षा और पुनर्स्थापना में आदि शंकराचार्य का योगदान अतुलनीय है। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं और उन्हें जीवन में अपनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान अविनाश चन्द्र ने ‘निर्वाण षट्कम्’ का पाठ कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव में सराबोर कर दिया। साथ ही उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने के अभियान की सफलता के लिए प्रार्थना की।
मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन में साध्वी पूर्णाम्बा, साध्वी शारदाम्बा, लता पाण्डेय, आरती चन्द्र, हजारी कीर्ति नारायण शुक्ल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

