अक्षय तृतीया पर जागरूकता अभियान, बाल विवाह उन्मूलन का लिया संकल्प
सोनभद्र (जनवार्ता)! जिला अस्पताल में अक्षय तृतीया के अवसर पर ‘बाल विवाह मुक्त भारत योजना’ के तहत आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में नागरिकों को बाल विवाह और बाल श्रम के खिलाफ जागरूक किया गया तथा कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई।


जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल परिसर में बुधवार को बाल विवाह मुक्त भारत योजना के अंतर्गत वृहद जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करना और महिलाओं व बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।
परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में अस्पताल कर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाग लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना वर्ष 2030 तक देश को बाल विवाह से मुक्त करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके तहत ग्राम स्तर पर निगरानी समितियों का गठन और विभिन्न संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर प्रशासन विशेष सतर्कता बरतता है, क्योंकि इस दिन बाल विवाह के मामलों में वृद्धि देखी जाती है। कार्यक्रम में बाल मजदूरी रोकथाम, शिक्षा के अधिकार और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने और बाल श्रम की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन पर देने की अपील की गई।
बाल कल्याण समिति के सदस्य अमित सिंह चंदेल ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की जानकारी देते हुए बताया कि लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। उल्लंघन करने पर कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में नागरिकों को 1098, 112, 1090 और 1076 जैसे हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।

