बिहार से बरामद हुए गहने, रेलवे कर्मचारी समेत तीन गिरफ्तार
हरनौत (जनवार्ता)। झारखंड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा में स्वर्ण व्यवसायी से 21 अप्रैल को लूटे गए आभूषणों को बिहार पुलिस ने महज दो दिनों में बरामद कर लिया। हरनौत थाना पुलिस और रजरप्पा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में रेलवे कॉलोनी के बाहर खड़ी एक कार से लूट के जेवर और अन्य सामग्री बरामद की गई।
पुलिस ने इस मामले में एक रेलवे कर्मचारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। हालांकि, इस गिरोह का मुख्य सरगना विभाष पासवान उर्फ मृगेंद्र पासवान फिलहाल फरार है। पुलिस के अनुसार, विभाष पर झारखंड में करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह हाल ही में रांची जेल से रिहा हुआ था।
गिरफ्तार आरोपी मनीष पासवान हरनौत स्थित सवारी डिब्बा मरम्मत कारखाना में कार्यरत है। पुलिस को सूचना मिली थी कि लूट का सामान उसके पास छिपाया गया है। मनीष की निशानदेही पर उसकी अर्टिगा कार से जेवर बरामद किए गए। कार पर ‘भारत सरकार’ लिखा लाल साइन बोर्ड लगा हुआ था, जिससे शक और गहरा हुआ।
इस मामले में मनीष की पत्नी रीना देवी (35) को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा सलेमपुर से महेंद्र महतो की पत्नी चंद्रावती देवी (55) को भी पकड़ा गया। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
बरामद सामान में सोने-चांदी के कई आभूषण शामिल हैं, जिनमें 12 चम्मच, दो ब्रेसलेट, दो चरण पादुका, एक दीया, शिवलिंग, अंगूठी, 54 बाला, छह हार, मूंगा-मोती का हार सेट, टूटा हुआ हार, लॉकेट, नथिया, आठ कनबाली, चार टॉप्स और 16 कनफूल शामिल हैं। ये सभी सामान ट्रॉली बैग में रखकर कार में छिपाए गए थे।
पुलिस ने कार और मनीष का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। आरोपियों ने रेलवे कॉलोनी स्थित क्वार्टर में अपना ठिकाना बना रखा था। मामले की आगे की जांच जारी है।


