जीवनदीप के पूर्व निदेशक को दी गई श्रद्धांजलि
सोयाबीन के 29 प्रजातियों की डॉ. जेएन सिंह ने की थी खोज : डा. एके सिंह
वाराणसी (जनवार्ता)। बड़ा लालपुर स्थित जीवनदीप शिक्षण समूह के नाइट एंगल हॉल में सोमवार को समूह के पूर्व निदेशक डॉ. ज्योनेन्द्र नारायण सिंह को उनके प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई।

श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत उनके तैल्य चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन से हुई। सभा में मौजूद उनके दामाद व समूह के चेयरमैन डा. अशोक कुमार सिंह ने बताया की डॉ. जेएन सिंह ने अमेरिका से कृषि विज्ञान में शोध कर डॉक्टरेट की उपाधि ली थी। भारत में सोयाबीन पर शोध कर उन्होंने सोयाबीन के 29 प्रजातियों की खोज की, जो उनकी बड़ी उपलब्धि रही। वह बिहार सरकार के कृषि मंत्रालय में निदेशक के पद पर भी कार्य कर चुके थे, साथ ही वह पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय और बिहार में पूसा कृषि विश्वविद्यालय में कृषि वैज्ञानिक के तौर पर सेवा दे चुके थे। जीवन के अंतिम वर्षों में उन्होंने 15 सालों तक जीवनदीप को सिंचित किया। आज उसी का परिणाम है कि जीवनदीप निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। इसी क्रम में वाइस चेयरमैन उनकी पुत्री डा. अंशु सिंह व नाती अल्केश प्रताप सिंह ने भी उनके साथ बिताए पलों और उनके मार्गदर्शन को श्रोताओं से साझा किया। श्रद्धांजलि सभा में आकांक्षा सिंह, जीवनदीप महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. इन्द्रेश चंद्र सिंह, जेपीएस की प्रधानाचार्य डॉ. ममता सिंह, महाविद्यालय के रजिस्ट्रार नन्दलाल यादव, उप प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. वीके सिंह, सीबीन केडी, शैलेन्द्र सिंह के अलावा शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।

