सुवेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में बलिया का युवक गिरफ्तार, मां बोलीं- बेटे को फंसाया गया
बलिया (जनवार्ता)। पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है। बंगाल पुलिस ने राज सिंह को अयोध्या से हिरासत में लिया है, जबकि बिहार के बक्सर से दो अन्य संदिग्धों मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को भी गिरफ्तार किया गया है।
चंद्रनाथ रथ की 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने उनकी कार रुकवाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिसमें रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। यह वारदात पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद हुई थी।
गिरफ्तारी के बाद राज सिंह को लेकर कई राजनीतिक और सामाजिक जानकारियां सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि वह बलिया नगर क्षेत्र से सभासद का चुनाव लड़ चुका है। सोशल मीडिया पर उसके पोस्टर और तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं, जिनमें उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताया है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ तस्वीरें और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के साथ बनाई गई रील भी चर्चा में है।
राज सिंह बलिया सदर कोतवाली क्षेत्र के आनंद नगर का रहने वाला है। सोमवार सुबह उसके घर पर ताला लटका मिला। पड़ोसियों के अनुसार, रविवार देर रात कुछ लोग कई गाड़ियों से वहां पहुंचे थे और मोहल्ले में पूछताछ कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि राज के पिता गिरिजा नाथ सिंह का निधन हो चुका है और करीब तीन साल पहले एक अंडा दुकानदार को गोली मारने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
सोमवार को राज सिंह की मां जामवंती सिंह बलिया जिला कोर्ट पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। रोते हुए उन्होंने कहा कि परिवार का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है और वे कभी वहां नहीं गए। उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल को वह बेटे राज सिंह और अन्य लोगों के साथ एक एमएलसी की शादी में शामिल होने लखनऊ गई थीं। अगले दिन सभी लोग अंबेडकर नगर स्थित किछौछा शरीफ गए और फिर अयोध्या में रामलला के दर्शन किए।
जामवंती सिंह का आरोप है कि अयोध्या से लौटते समय एसओजी टीम ने उनकी गाड़ी रोक ली और सभी लोगों को हिरासत में ले लिया। रातभर पूछताछ के बाद सुबह उन्हें बेटे से मिलवाया गया और फिर बंगाल पुलिस राज सिंह को फ्लाइट से अपने साथ ले गई। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि उनके बेटे के साथ अन्याय हो रहा है।
राज सिंह के अधिवक्ता हरिवंत सिंह ने भी गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि गिरफ्तारी के दौरान ट्रांजिट रिमांड नहीं लिया गया और उनके मुवक्किल को गलत तरीके से उठाया गया। वकील का दावा है कि 4, 5 और 6 अप्रैल की सीसीटीवी फुटेज में राज सिंह अपने घर पर मौजूद दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में डीआईजी, आईजी, डीजीपी और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल तक शिकायत भेजी जा रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में कम से कम आठ लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस का मानना है कि वारदात से पहले आरोपियों ने कई दिनों तक रेकी की थी। शुरुआती जांच में संदिग्धों की कार के बाली टोल प्लाजा से गुजरने के सुराग भी मिले हैं। फिलहाल बंगाल पुलिस और अन्य एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।


