राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने काशी में किया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ
वाराणसी (जनवार्ता) : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर दोनों ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए तथा सामूहिक ॐ जप और शंखनाद में भाग लिया।


कार्यक्रम काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित त्रयंबकेश्वर बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित हुआ। इसमें सोमनाथ ज्योतिर्लिंग से जुड़े आयोजनों का लाइव प्रसारण, पार्थिव शिवलिंग स्थापना तथा विभिन्न सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संकल्प पाठ का वाचन किया, जिसका उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से उच्चारण किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारतीय सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रीय आत्मगौरव के पुनर्जागरण का शंखनाद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि काशी और सोमनाथ भारत की सभ्यतागत चेतना की ज्योति के स्तंभ हैं। सोमनाथ पर 17 बार आक्रमण हुए, लेकिन सनातन संस्कृति कभी पराजित नहीं हुई। विदेशी आक्रांताओं ने महमूद गजनवी से लेकर औरंगजेब तक मंदिर तोड़कर भारत की आत्मा मिटाने की कोशिश की, परंतु वे स्वयं इतिहास की धूल में मिल गए।

योगी जी ने कहा, “सनातन संस्कृति पर हमला किया जा सकता है, लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में सोमनाथ और काशी विश्वनाथ धाम को पुनः अपने प्राचीन वैभव को प्राप्त करने की बात कही। स्वतंत्रता के बाद सांस्कृतिक मुक्ति की आकांक्षा का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका की सराहना की, जिन्होंने सोमनाथ के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था।
यह महोत्सव सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ (सोमनाथ अमृत महोत्सव) के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। यह सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का हिस्सा है, जो 1026 ई. में महमूद गजनवी के पहले आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ पर शुरू हुआ था।
कार्यक्रम में मंत्री अनिल राजभर, हंसराज विश्वकर्मा, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

