वाराणसी: “सोना छोड़ो, झालमुड़ी लो!”

वाराणसी: “सोना छोड़ो, झालमुड़ी लो!”

काशी के सर्राफा बाजार में प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील का विरोध करते हुए स्वर्णकार समाज ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर अनोखा प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। स्वर्णकारों ने आभूषण बनाने के औजारों की जगह झालमुड़ी के डिब्बे थामे और सड़क पर झालमुड़ी बेचकर अपना संदेश दिया।

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शुभम सेठ ‘गोलू’ के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में सैकड़ों सर्राफा व्यापारी, स्वर्ण कारीगर और समाज के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की नीतियों और लगातार सोने की खरीदारी पर की जा रही अपीलों के कारण स्वर्ण व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। परिणामस्वरूप हजारों कारीगर बेरोजगारी के संकट से जूझ रहे हैं।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “सोना भारत की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का हिस्सा है। इसे लेकर नकारात्मक बयानबाजी से न सिर्फ व्यापार ठप हो रहा है, बल्कि पूरे स्वर्णकार समुदाय की आजीविका पर असर पड़ रहा है। हमारी मांग है कि सरकार इस पर पुनर्विचार करे।”

प्रदर्शन के दौरान आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई लोगों ने स्वर्णकार समाज के समर्थन में झालमुड़ी के डिब्बे खरीदे। इस अनोखे प्रदर्शन ने पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।

सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से सोने की मांग में भारी कमी आई है, जिससे दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं और कारीगरों को काम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से स्वर्ण व्यापार को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर विचार करने और उद्योग को संकट से उबारने की अपील की है।

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Shiv murti

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