अमेरिका में लापता मर्चेंट नेवी अफसर का नहीं मिला सुराग
मिर्जापुर, (जनवार्ता)।
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में लापता हुए मिर्जापुर निवासी मर्चेंट नेवी अधिकारी मनीष द्विवेदी का छह दिन बाद भी कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल सका है। बेटे की तलाश में परिवार मिर्जापुर से लेकर दिल्ली तक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटा रहा है। वहीं गांव में भी चिंता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है।
पढ़वा क्षेत्र के छटहा चौहानपट्टी गांव निवासी मनीष द्विवेदी मर्चेंट नेवी में सेकेंड अफसर के पद पर कार्यरत हैं। परिवार के अनुसार वह 6 मई को अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्थित मार्कस हुक पोर्ट पर अपने जहाज ‘वैसल सिफ्नोस लेडी’ से शोर लीव पर बाहर गए थे। उनके साथ जहाज के कैप्टन, चीफ अफसर और कैडेट अफसर प्रांजल भी मौजूद थे।
बताया गया कि खरीदारी के दौरान मनीष कुछ देर के लिए साथियों से अलग हो गए। कैप्टन ने उन्हें फोन किया तो मनीष ने कैब बुलाने की बात कही और दस मिनट में लौटने का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बाद उनका कोई संपर्क नहीं हो सका।
मनीष के पिता संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि 7 मई को मुंबई स्थित शिपिंग कंपनी कार्यालय से उन्हें फोन कर मनीष के बारे में जानकारी मांगी गई। बाद में परिवार को अलग-अलग स्रोतों से विरोधाभासी सूचनाएं मिलती रहीं। किसी ने कहा कि मनीष सुरक्षित हैं, जबकि बाद में यह सूचना गलत निकली।
परिजनों का आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने कभी अमेरिकी पुलिस हिरासत तो कभी स्थानीय पूछताछ की बात कही, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। इस बीच जहाज भी मनीष को लिए बिना आगे रवाना हो गया।
परिवार को मिली जानकारी के अनुसार मनीष अपने साथियों के साथ आईफोन खरीदने निकले थे। दादा हृदय प्रसाद दुबे ने बताया कि मनीष ने खरीदारी के लिए साथियों से डॉलर भी लिए थे। पिता का कहना है कि कंपनी अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी अमेरिकी नागरिक से विवाद के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया हो सकता है, लेकिन इस संबंध में कोई स्पष्ट दस्तावेज या आधिकारिक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने पुलिस प्रशासन, विदेश मंत्रालय और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई है। जिला प्रशासन के अनुसार भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री Anupriya Patel ने भी विदेश मंत्री S. Jaishankar को पत्र लिखकर मनीष का पता लगाने और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने अमेरिकी दूतावास से भी मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी केंद्र सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
मनीष के लापता होने की खबर के बाद गांव में चिंता का माहौल है। परिवार के लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से घर में सामान्य माहौल नहीं है। मां अंजनी देवी बेटे की चिंता में बदहवास हैं, जबकि छोटी बहन पलक लगातार शिपिंग कंपनी और अधिकारियों से संपर्क कर रही है।
ग्रामीणों के अनुसार मनीष मिलनसार और सरल स्वभाव के थे। छुट्टियों में गांव आने पर वह सभी लोगों से मिलना-जुलना नहीं भूलते थे। उनके लापता होने से पूरे इलाके में बेचैनी है।
परिवार के मुताबिक मनीष पिछले छह वर्षों से मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं और हाल ही में उनकी पदोन्नति होकर सेकेंड अफसर बनाया गया था। 15 अप्रैल को छुट्टी पूरी कर वह दोबारा ड्यूटी पर लौटे थे।


