फर्जीवाड़े से उठाई पेंशन, अब 15 शिक्षकों पर करोड़ों की रिकवरी की तलवार

फर्जीवाड़े से उठाई पेंशन, अब 15 शिक्षकों पर करोड़ों की रिकवरी की तलवार

वाराणसी  (जनवार्ता)। गाजीपुर में माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े एक बड़े पेंशन घोटाले का खुलासा हुआ है। उपनिदेशक कार्यालय, वाराणसी के नाम पर फर्जी पेंशन भुगतान आदेश (PPO) तैयार कर 15 तदर्थ सहायक अध्यापकों द्वारा वर्षों तक अवैध रूप से पेंशन लेने का मामला सामने आया है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने सभी शिक्षकों से 20 से 25 लाख रुपये तक की रिकवरी के आदेश जारी कर दिए हैं।
मामले का खुलासा माध्यमिक शिक्षा विभाग वाराणसी मंडल और गाजीपुर कोषागार की संयुक्त जांच में हुआ। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित शिक्षकों ने फर्जी पीपीओ के आधार पर तीन से चार वर्षों तक पेंशन राशि प्राप्त की।
घोटाले की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई शिकायत से जुड़ी है। गाजीपुर के रुहीपुर निवासी प्रमिला देवी ने अपने पति स्वर्गीय हरिद्वार राम, जो गंगा प्रसाद राम प्रसाद यादव इंटर कॉलेज में तदर्थ सहायक अध्यापक थे, की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन न मिलने पर विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि उनके पति के साथ कार्यरत अन्य शिक्षकों को कोर्ट आदेश के आधार पर पेंशन मिल रही है, जबकि उन्हें लाभ क्यों नहीं दिया गया।
शिकायत के बाद तत्कालीन डीआईओएस ने जांच शुरू कराई। अक्टूबर 2024 में उपनिदेशक कार्यालय और गाजीपुर कोषागार में पीपीओ नंबरों का सत्यापन कराया गया। जांच में सामने आया कि जिन पीपीओ नंबरों के आधार पर पेंशन ली जा रही थी, वे पहले से अन्य वैध पेंशनभोगियों के नाम पर जारी थे। विभागीय अभिलेखों में संबंधित शिक्षकों की पेंशन स्वीकृत ही नहीं थी।
इसके बाद कॉलेज प्रबंधक रामवृक्ष यादव की तहरीर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। विस्तृत जांच में ऐसे 15 तदर्थ शिक्षक चिन्हित किए गए, जिनकी नियुक्तियां एडहॉक आधार पर थीं और उनका विनियमितीकरण नहीं हुआ था। नियमों के अनुसार वे पेंशन के पात्र नहीं थे।
जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी पीपीओ में वेतन और पेंशन से जुड़े तथ्य भी गलत दर्ज किए गए थे। एक शिक्षक का मूल वेतन आठ हजार रुपये होने के बावजूद पेंशन 40 हजार रुपये दर्शाई गई, जबकि एक अन्य मामले में मूल वेतन 1.05 लाख रुपये दिखाकर पेंशन स्वीकृत की गई। अधिकारियों ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना है।
संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा, वाराणसी मंडल, दिनेश सिंह ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपित शिक्षकों से रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

rajeshswari
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Shiv murti

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