बुलेट ट्रेन स्टेशनों के पास बनेंगे कमर्शियल हब
ग्रेटर नोएडा (जनवार्ता)। दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना को आर्थिक रूप से अधिक व्यवहारिक बनाने के लिए प्रमुख स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत नोएडा एयरपोर्ट, मथुरा और आगरा में प्रस्तावित स्टेशनों के निकट जमीन की तलाश की जा रही है। करीब 800 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की लागत दो लाख करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। ऐसे में स्टेशन परिसरों के आसपास कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स, होटल, कार्यालय और रिटेल स्पेस विकसित कर अतिरिक्त आय के स्रोत तैयार करने की योजना बनाई गई है।

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में गौतमबुद्ध नगर एकमात्र ऐसा जिला होगा जहां दो हाई स्पीड रेल स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें एक स्टेशन सेक्टर-147/148 के पास तथा दूसरा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट बनाया जाएगा। इसके अलावा आगरा और मथुरा में भी प्रमुख स्टेशन विकसित किए जाएंगे। कॉमर्शियल डेवलपमेंट को लेकर संबंधित एजेंसियों के बीच भूमि उपलब्धता के मुद्दे पर चर्चा चल रही है।
परियोजना के लिए सर्वेक्षण कार्य जारी है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) मार्च 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वे के दौरान जमीन की स्थिति, आबादी, वन क्षेत्र, नदी, सड़क और रेलवे क्रॉसिंग सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। प्रस्तावित कॉरिडोर पूरी तरह एलिवेटेड होगा और बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 350 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहेगी।
परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से वाराणसी की यात्रा 3 घंटे 33 मिनट, आगरा से वाराणसी 2 घंटे 12 मिनट और दिल्ली से आगरा महज 58 मिनट में पूरी की जा सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बुलेट ट्रेन स्टेशनों के आसपास विकसित होने वाले कमर्शियल हब भविष्य में रोजगार, निवेश और रियल एस्टेट विकास के नए केंद्र बनकर उभर सकते हैं।

