मणिकर्णिका चक्रपुष्करिणी तीर्थ पर चला स्वच्छता अभियान
वाराणसी (जनवार्ता) । नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने शनिवार को मणिकर्णिका घाट स्थित मणिकर्णिका चक्रपुष्करिणी तीर्थ पर स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया और श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
अभियान के दौरान गंगा सेवक राजेश शुक्ल ने श्रद्धालुओं को काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मणिकर्णिका कुंड पंचकोशी यात्रा का प्रारंभिक स्थल है, जहां श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के बाद यात्रा का संकल्प लेते हैं।
उन्होंने कहा कि लगभग 88 किलोमीटर लंबी पंचकोशी यात्रा काशी की प्राचीन धार्मिक परंपरा का प्रतीक है। मान्यता है कि इस यात्रा को पूरा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और ब्रह्मांड की परिक्रमा के समान पुण्य मिलता है। यात्रा के प्रमुख पड़ाव कर्दमेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, शिवपुर और कपिलधारा हैं।
राजेश शुक्ल ने कहा कि पंचकोशी यात्रा काशी की जीवंत आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है, जो देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन संस्कृति से जोड़ती है। अभियान में स्वयंसेवकों ने तीर्थ स्थल की स्वच्छता बनाए रखने का संदेश भी दिया।


