अवैध खनन विवाद ने लिया हिंसक रूप, कोटपूतली-बहरोड़ में फायरिंग और पथराव; 10 घायल
राजस्थान (जनवार्ता) । जिले के अजीतपुरा-कुजेटा गांव में अवैध खनन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद सोमवार को हिंसक झड़प में बदल गया। धरनास्थल के निकट कथित हथियारबंद लोगों द्वारा की गई फायरिंग और पथराव में 10 ग्रामीण घायल हो गए। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित खनन गतिविधियों और डीप होल ब्लास्टिंग के कारण उनके मकानों में दरारें पड़ रही हैं तथा जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी के विरोध में ग्रामीण पिछले करीब 292 दिनों से आंदोलन और धरना प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना है कि आबादी क्षेत्र के समीप खनन कार्य बंद कराया जाए।
मामले में गत 30 मई को प्रशासन ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास किया था। प्रशासन की ओर से खनन गतिविधियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त कराया गया था। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने दबाव बनाकर धरना हटवाया तथा धरनास्थल पर लगे टेंट और अन्य सामान जब्त कर लिया, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
इसी विरोध के तहत सोमवार को ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पुनः धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, धरनास्थल के समीप स्थित श्मशान भूमि पर कुछ लोग मौजूद थे, तभी तीन बिना नंबर की कैंपर गाड़ियों में सवार होकर आए हथियारबंद लोगों ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने फायरिंग के साथ-साथ पथराव भी किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में कई ग्रामीण घायल हो गए और वहां खड़ी मोटरसाइकिलों को भी नुकसान पहुंचा।
घायलों में विनय सिंह (26), दीपक (29) और कालू खान (65) की हालत गंभीर बताई गई है। इनके अलावा मदन वर्मा (69), सुगनचंद (65), दशरथ (40), करिश्मा (16), महेंद्र (46), जगदीश (60) और कालू (60) का स्थानीय अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि घायलों को गोली लगी है या नहीं, इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा क्षेत्र में कथित अवैध खनन गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की है। वहीं प्रशासन और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस घटना ने क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे खनन विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

