चार साल बाद कांगड़ा में फिर दौड़ी ट्रेन
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में करीब चार साल से बंद रेल सेवा मंगलवार को बहाल हो गई। हिमाचल-पंजाब सीमा पर चक्की नदी रेल पुल के पुनर्निर्माण के बाद पठानकोट-कांगड़ा रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन फिर शुरू हो सका।

कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और कांगड़ा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने नैरो गेज ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान विधायक पवन काजल, विधायक रणबीर सिंह निक्का और रेलवे के डीआरएम विवेक कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि रेल सेवा बहाल होने से कांगड़ा-धर्मशाला क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, लोगों की आवाजाही आसान होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में आई बाढ़ में चक्की नदी का रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे रेल यातायात ठप हो गया था। करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल के बाद अब रेल सेवा फिर शुरू हो सकी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में हिमाचल प्रदेश में रेल परियोजनाओं के लिए 2,911 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जबकि राज्य में 17,711 करोड़ रुपये की विभिन्न रेल परियोजनाओं पर कार्य जारी है। अमृत स्टेशन योजना के तहत चार रेलवे स्टेशनों के विकास का भी प्रावधान किया गया है।
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि रेल नेटवर्क का विस्तार प्रदेश के विकास को नई गति देगा। वहीं विधायक पवन काजल ने इसे क्षेत्र की जनता के लंबे समय से देखे गए सपने का साकार होना बताया।
इस अवसर पर भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। अनुराग ठाकुर ने प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र से 111 करोड़ रुपये की सहायता राशि की मांग किए जाने की भी जानकारी दी।

