एक माह बाद खुलेगा विक्रमशिला सेतु, 7 जून से शुरू होगा आवागमन
भागलपुर (जनवार्ता)। करीब एक माह से अधिक समय तक बंद रहने के बाद भागलपुर को उत्तर बिहार से जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु रविवार, 7 जून से फिर वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत, बेली ब्रिज निर्माण और तकनीकी परीक्षण का कार्य पूरा होने के बाद जिला प्रशासन ने यातायात संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने समीक्षा भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि अंतिम तकनीकी परीक्षण के बाद 7 जून को पूर्वाह्न लगभग 11 बजे से सेतु पर वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच आवागमन एक बार फिर सुगम हो सकेगा।
प्रशासन के अनुसार 6 जून की शाम अंतिम ट्रायल किया जाएगा, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों और मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी। सभी परीक्षण सफल रहने के बाद सेतु आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पुल की संरचनात्मक मजबूती की विभिन्न स्तरों पर जांच पहले ही पूरी की जा चुकी है।
सुरक्षा को देखते हुए प्रारंभिक चरण में सेतु की केवल एक लेन को यातायात के लिए खोला जाएगा। लगभग पांच मीटर चौड़ी इस लेन से छोटे एवं मध्यम श्रेणी के वाहनों का आवागमन होगा। पिकअप वैन, ट्रैक्टर, मैजिक वाहन तथा 10 टन तक क्षमता वाले हल्के मालवाहक वाहनों को अनुमति दी जाएगी, जबकि भारी ट्रक, बड़े मालवाहक वाहन और निर्धारित सीमा से अधिक भार वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
यातायात संचालन के लिए सेतु पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी। महादेवपुर घाट और बरारी घाट पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से दोनों दिशाओं में क्रमवार वाहनों का संचालन होगा। प्रशासन ने बताया कि इस व्यवस्था के कारण वाहन चालकों को पांच से दस मिनट तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
विक्रमशिला सेतु बंद रहने के दौरान शुरू की गई गंगा पार नाव सेवा फिलहाल जारी रहेगी। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यात्रियों से किसी प्रकार का किराया नहीं लिया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई नाविक किराया वसूलता पाया गया तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर नाव जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
सेतु और आसपास के क्षेत्र की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) तथा दोनों छोरों पर दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिसकर्मी तीन पालियों में ड्यूटी करेंगे।
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं।
विक्रमशिला सेतु पर यातायात बहाल होने से न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।


