घटिया निर्माण पर बड़ी कार्रवाई: पीपीएस बिल्डर्स ब्लैकलिस्ट, 2.20 करोड़ का जुर्माना
अलीगढ़ (जनवार्ता)। मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत शहर में बनाई जा रही सड़कों के निर्माण में लगातार गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलने पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्यदायी संस्था पीपीएस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, बुलंदशहर को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही कंपनी के साथ किया गया अनुबंध निरस्त कर उसकी जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है।

शुक्रवार को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने रेलवे रोड पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों की अनदेखी, निम्न गुणवत्ता की सामग्री के उपयोग और सड़क के बीच से चटकने जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। इसके बाद निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की।
नगर आयुक्त ने बताया कि रेलवे रोड के अलावा गूलर रोड, खैर रोड और आईटीआई रोड के निर्माण कार्य भी इसी कंपनी को आवंटित किए गए थे। इन सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता की कमी और कार्य में लगातार देरी की शिकायतें मिल रही थीं। कंपनी को पूर्व में चार बार नोटिस जारी कर कार्य में सुधार के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि तकनीकी परीक्षणों में भी कार्यों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके अलावा परियोजना स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, संसाधन और श्रमिक उपलब्ध न कराए जाने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इससे शहरवासियों को इन सड़कों का लाभ समय पर नहीं मिल सका।
नगर निगम के अनुसार कंपनी के खिलाफ अब तक 2.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसमें आईटीआई रोड पर 54.75 लाख रुपये, खैर रोड पर 52.91 लाख रुपये, गूलर रोड पर 29.46 लाख रुपये तथा रेलवे रोड पर 25.11 लाख रुपये का अर्थदंड शामिल है। इसके बावजूद कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।
नगर निगम ने सात फरवरी, दो अप्रैल और 30 मई 2026 को कंपनी को अनुबंध निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्ट करने संबंधी नोटिस जारी किए थे। पीपीएस बिल्डर्स को गूलर रोड, आईटीआई रोड, रेलवे रोड और खैर रोड के निर्माण कार्य आवंटित किए गए थे। इन परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत 71.08 करोड़ रुपये तथा अनुबंधित राशि 62.80 करोड़ रुपये थी।
नगर आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना में लगातार लापरवाही और तकनीकी मानकों की अनदेखी को देखते हुए कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया गया है। इसके संबंध में प्रदेश की सभी निर्माण एजेंसियों को भी सूचना भेजी जा रही है।

