क्यूआर कोड व्यवस्था दोबारा लागू करने और अवैध वसूली की जांच की मांग
पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी (जनवार्ता) । उत्तर प्रदेश ऑटो रिक्शा/थ्री व्हीलर चालक यूनियन के जिला अध्यक्ष ईश्वर सिंह ने गुरुवार को पुलिस आयुक्त वाराणसी को ज्ञापन सौंपकर शहर में पूर्व में लागू क्यूआर कोड व्यवस्था को पुनः प्रभावी ढंग से लागू करने तथा ऑटो संचालन से जुड़ी कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा पूर्व में लागू की गई क्यूआर कोड व्यवस्था से शहर की यातायात व्यवस्था काफी हद तक सुव्यवस्थित हुई थी। इसके चलते जाम की समस्या में कमी आई थी और आम नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी राहत मिली थी।
यूनियन का आरोप है कि वर्तमान में क्यूआर कोड व्यवस्था पूरी तरह निष्प्रभावी हो चुकी है, जिसके कारण विभिन्न क्षेत्रों में बिना परमिट और नियम विरुद्ध वाहन खुलेआम संचालित हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ एजेंट ऐसे वाहनों से प्रति वाहन लगभग दो हजार रुपये प्रतिमाह की कथित अवैध वसूली कर रहे हैं।
यूनियन के अनुसार, जब भी किसी क्षेत्र में जांच या चेकिंग अभियान चलाया जाता है, उसकी सूचना पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच जाती है। इसके लिए कथित रूप से व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से बिना परमिट अथवा नियम विरुद्ध संचालित वाहनों को पहले से सतर्क कर दिया जाता है। इससे कार्रवाई का उद्देश्य प्रभावित होता है और वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती।
जिला अध्यक्ष ईश्वर सिंह ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और यदि इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए तो अवैध वसूली तथा नियम विरुद्ध वाहन संचालन से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
ज्ञापन में पुलिस आयुक्त से क्यूआर कोड व्यवस्था को पुनः लागू करने, बिना परमिट संचालित वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने, कथित अवैध वसूली करने वालों एवं उनके संरक्षकों की जांच कर कार्रवाई करने, सूचना लीक करने वाले व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच कराने तथा बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण एवं चेकिंग अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराने की मांग की गई है।
यूनियन ने कहा कि वाराणसी देश के प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के साथ-साथ प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन नगरी भी है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखना और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है।

