पेंशनरों  चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

पेंशनरों  चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

वाराणसी (जनवार्ता) । उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था, जनपद शाखा वाराणसी की मासिक बैठक रविवार को पेंशनर्स कक्ष, कोषागार परिसर (कचहरी) में जिलाध्यक्ष इं. एस.डी. मिश्र की अध्यक्षता में हुई। संचालन जिलामंत्री अवध नारायण पाण्डेय ने किया। बैठक में पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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बैठक में वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के दावों के लिए लागू की गई नई ऑनलाइन व्यवस्था पर आपत्ति जताई। वक्ताओं ने कहा कि 24 जुलाई 2026 से चिकित्सा प्रतिपूर्ति के आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन किए जाने से पेंशनरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही नौ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के गठन से तकनीकी परीक्षण में अनावश्यक विलंब होने की आशंका व्यक्त की गई। संस्था ने नई व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर पूर्व की ऑफलाइन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

बैठक में पेंशनरों की अन्य लंबित मांगों को भी दोहराया गया। इनमें 25 मार्च 2025 को पारित वैलिडेशन एक्ट-2025 को निरस्त करने, आठवें वेतन आयोग के दायरे में 1 जनवरी 2026 से पूर्व पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले पेंशनरों की पेंशन पुनरीक्षण को शामिल करने, पेंशन राशिकरण की बहाली अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष करने तथा 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पेंशनरों को क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की मांग शामिल रही।

इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में मिलने वाली छूट को कोरोना काल से पूर्व की तरह बहाल करने, कोरोना काल में रोकी गई महंगाई राहत की तीन किश्तों के एरियर का भुगतान करने तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग भी उठाई गई।

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बैठक के दौरान नवनिर्मित पेंशनर्स कक्ष में पहली बैठक आयोजित होने पर सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की। कक्ष के निर्माण में जिलाध्यक्ष इं. एस.डी. मिश्र के प्रयासों तथा मुख्य कोषाधिकारी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। इसके पूर्व नए सदस्यों का परिचय कराया गया और अगस्त माह में जन्मे पेंशनरों का जन्मदिन मिष्ठान खिलाकर मनाया गया। पिछली बैठक की कार्यवाही भी सर्वसम्मति से अनुमोदित की गई।

बैठक में संस्था के प्रांतीय संरक्षक इं. शमसुल आरेफिन, जनपदीय संरक्षक इं. आर.पी. मिश्र सहित इं. डी.एल. श्रीवास्तव, हीरालाल, डॉ. परमहंस मिश्र, डॉ. सुधाकर मिश्र, इं. एस.एन. मणि, नागेन्द्र सिंह, हीरालाल प्रसाद, हरिशंकर यादव, अमरदेव, प्रभाकर दुबे, शिव प्रकाश, वी.एन. त्रिपाठी, दयाशंकर सिंह यादव, रामजग, राकेश मोहन पाण्डेय, श्रीमती शैलकुमारी, श्रीमती शकुन्तला देवी, सावित्री देवी और रामचन्द्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।

Shiv murti

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