92 बैच के डीएसपी प्रशिक्षुओं को पुलिस आयुक्त ने दिया उत्कृष्ट पुलिसिंग और नेतृत्व के गुरुमंत्र
वाराणसी (जनवार्ता) । पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल से शुक्रवार को 92वीं बैच के 11 डीएसपी प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान पुलिस आयुक्त ने प्रशिक्षु अधिकारियों को कमिश्नरेट वाराणसी की कार्यप्रणाली, आधुनिक पुलिसिंग, जनसेवा और नेतृत्व क्षमता के विभिन्न आयामों की जानकारी देते हुए उत्कृष्ट पुलिसिंग के गुरुमंत्र दिए।


पुलिस आयुक्त ने कहा कि “पुलिस सेवा केवल कानून लागू करने का दायित्व नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, सुरक्षा और न्याय स्थापित करने का माध्यम है। एक अधिकारी की वास्तविक पहचान उसकी सत्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और जनता के प्रति समर्पण से होती है।”

संवाद के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को कमिश्नरेट की प्रशासनिक संरचना, यातायात प्रबंधन, डायल-112, जल पुलिस, पर्यटक पुलिस, एसओजी एवं सर्विलांस टीम, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन प्रणाली, सीसीटीवी कंट्रोल रूम और वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। साथ ही विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी वाराणसी में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग की आवश्यकता पर बल दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने श्रावण मास, देव दीपावली और महाकुम्भ जैसे विशाल आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन, जनसंपर्क और सुरक्षा व्यवस्था के व्यावहारिक अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि अधिकारी के पूरे सेवा जीवन की आधारशिला होती है और इसी दौरान प्राप्त अनुभव भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करते हैं।
उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को ईमानदारी, नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने तथा जनता के प्रति सहज, सुलभ और जवाबदेह रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस आयुक्त ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ सामूहिक भोजन किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर टीम भावना, अनुशासन एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त सुरक्षा अनिल कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त प्रोटोकॉल जंग बहादुर यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

