भारत का दोटूक संदेश: फायदे की होगी तभी होगी ट्रेड डील
नई दिल्ली (जनवार्ता)। भारत ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि जल्दबाजी या किसी दबाव में समझौता नहीं किया जाएगा। यदि डील भारत के हित में नहीं होगी, तो उसे टालना बेहतर होगा।

सूत्रों के अनुसार, पिछले महीने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के भारत दौरे के दौरान अंतरिम ट्रेड डील पर सहमति बनने की उम्मीद थी, लेकिन कई अहम मुद्दों पर बातचीत अटक गई। भारत ने स्पष्ट किया कि उसकी प्रमुख मांगें पूरी होने के बाद ही समझौता आगे बढ़ेगा।
भारत चाहता है कि उसके उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बेहतर टैरिफ मिले और भविष्य में अचानक नए शुल्क न लगाए जाएं। सरकार ने कृषि क्षेत्र में किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता करने से भी इनकार किया है।
दूसरी ओर, अमेरिका चाहता है कि प्रस्तावित नए टैरिफ लागू होने से पहले भारत कुछ व्यापारिक रियायतें दे। हालांकि भारत ने साफ कर दिया है कि समय सीमा के दबाव में कोई फैसला नहीं होगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले ही कह चुके हैं कि भारत केवल वही समझौता करेगा, जिससे देश को स्पष्ट लाभ मिले।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत होती अर्थव्यवस्था, बढ़ते निर्यात और अन्य देशों के साथ व्यापारिक अवसरों के चलते भारत अब बेहतर शर्तों पर बातचीत करने की स्थिति में है। इसी वजह से सरकार राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापार वार्ता आगे बढ़ा रही है।

