काशी विद्यापीठ दीक्षांत में राज्यपाल: जंतर-मंतर की घटनाएं हमारे संस्कार नहीं
वाराणसी (जनवार्ता)। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां जो कुछ हुआ, वह भारतीय संस्कारों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रतिभा का उपयोग करने तथा भटकाव और झूठे लालच से दूर रहने का आह्वान किया।

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने कहा कि भारत को तकनीक का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि सृजनकर्ता बनना होगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा एक से पांच तक मातृभाषा में शिक्षा पर जोर देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा की वैश्विक स्वीकार्यता का भी उल्लेख किया।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालय विकसित भारत-2047 के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने बताया कि इस वर्ष स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में 73 प्रतिशत छात्राएं हैं।
समारोह में राज्यपाल ने 26 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। वहीं, तेलंगाना के श्रीदेवी हैंडलूम के संस्थापक वाई. श्रीधर राव को सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए मानद डी.लिट. की उपाधि से सम्मानित किया गया।

