इटावा : 30 साल पुरानी रंजिश में चचेरे भाई ने कुल्हाड़ी से ली जान

इटावा : 30 साल पुरानी रंजिश में चचेरे भाई ने कुल्हाड़ी से ली जान

पुलिस ने दोनों पैरों में गोली मारकर किया गिरफ्तार

इटावा । पिता पर 30 साल पहले हुए हमले का बदला लेने के लिए एक व्यक्ति इटावा : 30 साल पुरानी रंजिश में चचेरे भाई ने कुल्हाड़ी से ली जान

rajeshswari

पुलिस ने दोनों पैरों में गोली मारकर किया गिरफ्तार

इटावा । पिता पर 30 साल पहले हुए हमले का बदला लेने के लिए एक व्यक्ति ने मंगलवार सुबह अपने चचेरे भाई को कुल्हाड़ी से काट डाला। हत्या के महज तीन घंटे के अंदर पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी को दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जीप में बैठते हुए आरोपी ने कहा, “मैंने अपने बाप पर हमले का बदला ले लिया।

घटना चिकनी गांव की है। मृतक विनय कुमार (45) रामस्वरूप (60) के बड़े बेटे थे। परिवार में पत्नी चंद्रकली (55) और छोटा बेटा अनिल भी हैं। अनिल मथुरा के कोसीकलां में सिक्योरिटी सुपरवाइजर के रूप में काम करते हैं, जबकि विनय खेती-किसानी करते थे। पड़ोस में ही उनके चचेरे भाई रामकुमार उर्फ गुड्डू का घर है। रामकुमार पहले दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते थे, बाद में गांव लौटकर खेती करने लगे। उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर चली गई हैं। उनके दो बच्चे उनके साथ रहते हैं।

दोनों पक्षों के बीच पिछले एक महीने से दीवार को लेकर विवाद चल रहा था। विनय अपना नया मकान बनवा रहे थे। उन्होंने 20 फीट लंबी दीवार बनवाई थी। इस दीवार को लेकर रामकुमार से झगड़ा होने पर विनय ने भर्थना तहसील में शिकायत दर्ज कराई थी। राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश की, जिसमें विवादित दीवार विनय की जमीन में ही पाई गई। रामकुमार इस फैसले से नाराज थे।

मंगलवार सुबह करीब 5 बजे अनिल मथुरा चले गए। इसके बाद करीब 9 बजे विनय निर्माणाधीन मकान में लिंटर डालने की तैयारी कर रहे थे। मिस्त्री द्वारा तैयार किए गए सीमेंट के मसाले का कुछ हिस्सा रामकुमार के टीनशेड पर गिर गया। इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। रामकुमार ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि वह लिंटर नहीं पड़ने देंगे। झगड़ा बढ़ने पर विनय ने काम बंद करा दिया। इसके बावजूद रामकुमार ने पीछे से विनय की गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई वार कर दिए। विनय मौके पर ही तड़पकर दम तोड़ गए। इसके बाद रामकुमार वहां से भाग निकले।

इसे भी पढ़े   उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती 2025: 45,000 से अधिक पदों पर बंपर भर्ती का रास्ता साफ

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो घरवालों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। छोटे भाई अनिल ने थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि दोनों पक्षों के बीच करीब एक महीने से झगड़ा चल रहा था। कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसकी वजह से उनके भाई की हत्या हो गई। घरवालों ने दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग को लेकर करीब पांच घंटे तक हंगामा किया। दोपहर साढ़े तीन बजे अधिकारियों के आश्वासन पर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। थाना बकेवर पुलिस को सूचना मिली कि नसीरपुर बोझा से घुघसीना जाने वाले रास्ते पर रामकुमार मौजूद है। पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देखकर रामकुमार ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, डंडा, एक 315 बोर का अवैध तमंचा, तीन जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद हुए।

गिरफ्तारी के बाद रामकुमार ने चिल्लाते हुए कहा, “सुन लो! मैंने अपने बाप पर हमले का बदला लिया है। रामस्वरूप ने मेरे बाप को कुल्हाड़ी मारी थी, मैंने भी उसे खत्म कर दिया।”

परिवार के अनुसार दोनों परिवारों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। करीब 30 साल पहले जमीन के झगड़े में रामस्वरूप ने रामकुमार के पिता रामनरेश पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। रिश्तेदार राजीव उपाध्याय ने बताया कि झगड़े की शिकायत पहले भी पुलिस-प्रशासन से की गई थी, लेकिन उस समय दोनों पक्षों पर केवल शांतिभंग की कार्रवाई कर मामला खत्म कर दिया गया था। उनका कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सख्त कदम उठाती तो विनय की जान बच सकती ने मंगलवार सुबह अपने चचेरे भाई को कुल्हाड़ी से काट डाला। हत्या के महज तीन घंटे के अंदर पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी को दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जीप में बैठते हुए आरोपी ने कहा, “मैंने अपने बाप पर हमले का बदला ले लिया।”

इसे भी पढ़े   गाजीपुर : टेंडर घोटाले की विवेचना में लापरवाही पर दो दरोगा निलंबित

घटना चिकनी गांव की है। मृतक विनय कुमार (45) रामस्वरूप (60) के बड़े बेटे थे। परिवार में पत्नी चंद्रकली (55) और छोटा बेटा अनिल भी हैं। अनिल मथुरा के कोसीकलां में सिक्योरिटी सुपरवाइजर के रूप में काम करते हैं, जबकि विनय खेती-किसानी करते थे। पड़ोस में ही उनके चचेरे भाई रामकुमार उर्फ गुड्डू का घर है। रामकुमार पहले दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते थे, बाद में गांव लौटकर खेती करने लगे। उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर चली गई हैं। उनके दो बच्चे उनके साथ रहते हैं।

दोनों पक्षों के बीच पिछले एक महीने से दीवार को लेकर विवाद चल रहा था। विनय अपना नया मकान बनवा रहे थे। उन्होंने 20 फीट लंबी दीवार बनवाई थी। इस दीवार को लेकर रामकुमार से झगड़ा होने पर विनय ने भर्थना तहसील में शिकायत दर्ज कराई थी। राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश की, जिसमें विवादित दीवार विनय की जमीन में ही पाई गई। रामकुमार इस फैसले से नाराज थे।

मंगलवार सुबह करीब 5 बजे अनिल मथुरा चले गए। इसके बाद करीब 9 बजे विनय निर्माणाधीन मकान में लिंटर डालने की तैयारी कर रहे थे। मिस्त्री द्वारा तैयार किए गए सीमेंट के मसाले का कुछ हिस्सा रामकुमार के टीनशेड पर गिर गया। इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। रामकुमार ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि वह लिंटर नहीं पड़ने देंगे। झगड़ा बढ़ने पर विनय ने काम बंद करा दिया। इसके बावजूद रामकुमार ने पीछे से विनय की गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई वार कर दिए। विनय मौके पर ही तड़पकर दम तोड़ गए। इसके बाद रामकुमार वहां से भाग निकले।

इसे भी पढ़े   गुलाम नबी के कांग्रेस से बाहर होने के बाद 36 और नेताओं ने दिया इस्तीफा

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो घरवालों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। छोटे भाई अनिल ने थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि दोनों पक्षों के बीच करीब एक महीने से झगड़ा चल रहा था। कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसकी वजह से उनके भाई की हत्या हो गई। घरवालों ने दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग को लेकर करीब पांच घंटे तक हंगामा किया। दोपहर साढ़े तीन बजे अधिकारियों के आश्वासन पर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। थाना बकेवर पुलिस को सूचना मिली कि नसीरपुर बोझा से घुघसीना जाने वाले रास्ते पर रामकुमार मौजूद है। पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देखकर रामकुमार ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, डंडा, एक 315 बोर का अवैध तमंचा, तीन जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद हुए।

गिरफ्तारी के बाद रामकुमार ने चिल्लाते हुए कहा, “सुन लो! मैंने अपने बाप पर हमले का बदला लिया है। रामस्वरूप ने मेरे बाप को कुल्हाड़ी मारी थी, मैंने भी उसे खत्म कर दिया।”

परिवार के अनुसार दोनों परिवारों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। करीब 30 साल पहले जमीन के झगड़े में रामस्वरूप ने रामकुमार के पिता रामनरेश पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। रिश्तेदार राजीव उपाध्याय ने बताया कि झगड़े की शिकायत पहले भी पुलिस-प्रशासन से की गई थी, लेकिन उस समय दोनों पक्षों पर केवल शांतिभंग की कार्रवाई कर मामला खत्म कर दिया गया था। उनका कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सख्त कदम उठाती तो विनय की जान बच सकती थी।

Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *