लमही महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ
मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर गूंजीं कालजयी कृतियां

वाराणसी (जनवार्ता)। हिंदी-उर्दू साहित्य के युगपुरुष एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती के अवसर पर उनकी जन्मस्थली लमही में तीन दिवसीय ‘लमही महोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन एवं प्रेमचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ शुरू हुए महोत्सव में देश-विदेश से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया।
महोत्सव के दौरान आयोजित साहित्यिक गोष्ठी ‘आज के दौर में प्रेमचंद की प्रासंगिकता’ में वक्ताओं ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज को दिशा देने वाला है। किसानों की समस्याओं, महिलाओं के संघर्ष, सामाजिक विषमता और मानवीय मूल्यों पर आधारित उनकी रचनाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी अपने समय में थीं।
इस अवसर पर संस्कृति विभाग एवं प्रांतीय साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 10 साहित्यकारों को ‘प्रेमचंद साहित्य सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित साहित्यकारों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
महोत्सव में स्थानीय कलाकारों एवं रंगकर्मियों ने प्रेमचंद की प्रसिद्ध रचनाओं ‘गोदान’, ‘बड़े घर की बेटी’ और ‘ईदगाह’ का प्रभावशाली नाट्य मंचन प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके अलावा स्कूली बच्चों के लिए निबंध लेखन और कहानी वाचन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रेमचंद स्मारक परिसर में दीपोत्सव का आयोजन किया गया, जिससे पूरा लमही गांव दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। महोत्सव में बड़ी संख्या में साहित्यकार, विद्यार्थी, स्थानीय नागरिक एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

