राम मंदिर निर्माण लागत पर नए आरोप, पूर्व लेखा प्रभारी ने एसआईटी को सौंपे साक्ष्य
अयोध्या (जनवार्ता)। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच अब मंदिर निर्माण की लागत को लेकर भी नए आरोप सामने आए हैं। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित साक्ष्य सौंपते हुए दावा किया है कि मंदिर निर्माण का प्रारंभिक अनुमान 800 करोड़ रुपये था, लेकिन अब तक लगभग 2200 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

महिपाल सिंह ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में कई ऐसे लोगों को भी भुगतान किया गया, जिन्होंने कोई कार्य नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने एसआईटी को दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध करा दिए हैं।
बताया गया कि 26 जुलाई को एसआईटी अध्यक्ष एवं लखनऊ के पूर्व कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने महिपाल सिंह को ई-मेल के माध्यम से आरोपों से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया था। आवश्यकता पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनका बयान भी दर्ज करने की बात कही गई थी।
महिपाल सिंह ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2021 में ही उन्होंने मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी की जानकारी तत्कालीन ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को दी थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय उन्हें पद से हटाकर दूसरे कर्मचारी की तैनाती कर दी गई।
उल्लेखनीय है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर पहले से जांच जारी है। महिपाल सिंह द्वारा लगाए गए नए आरोपों के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, इन आरोपों पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी शेष है।

