स्वतंत्रता दिवस पर मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने किया ध्वजारोहण
स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

राष्ट्र की एकता, अखंडता और संस्कारों को मजबूत करने का लिया संकल्प
वाराणसी (जनवार्ता)। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को वाराणसी में राष्ट्रभक्ति और उल्लास का माहौल रहा। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने कमिश्नरी परिसर तथा जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित राइफल क्लब में ध्वजारोहण किया। दोनों अधिकारियों ने जनपदवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर शहीदों के बलिदान को नमन किया।

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद अनेक विविधताओं के बावजूद भारतीयों ने अनेकता में एकता की भावना को कायम रखा। उन्होंने देशी रियासतों और रजवाड़ों के एकीकरण में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में अनेक भाषाएं और संस्कृतियां हैं, लेकिन सभी को भारतीयता की भावना एक सूत्र में बांधती है।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ-साथ सांस्कृतिक और संस्कारिक मूल्यों को मजबूत करना आवश्यक है। पुरानी पीढ़ी के अनुभवों से सीख लेकर नई पीढ़ी को आगे बढ़ना होगा। जेन-जेड, अल्फा और बीटा जैसी नई पीढ़ियों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि आधुनिकता के साथ संस्कारों और मूल्यों को बनाए रखना भी जरूरी है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर भविष्य के भारत का निर्माण होगा।
मंडलायुक्त ने बनारस के इतिहास का उल्लेख करते हुए 1781 में राजा चेत सिंह और वारेन हेस्टिंग्स के बीच हुए संघर्ष का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि उस दौर में काशी की जनता ने संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। उन्होंने सभी से राष्ट्रीय पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाने और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मंडलायुक्त ने बच्चों को मिठाई और टॉफियां वितरित कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
वहीं, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने राइफल क्लब में ध्वजारोहण के बाद स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को अंगवस्त्रम एवं उपहार भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव, एकता, अखंडता और देशभक्ति का प्रतीक है। यह अवसर उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के त्याग, संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करने का दिन है, जिनके प्रयासों से देश को आजादी मिली।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए सभी को राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने तथा देश और प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने जनपदवासियों से आपसी भाईचारा, सद्भाव और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी लोग अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और जिम्मेदारी से निर्वहन करें तथा स्वच्छ, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित समाज के निर्माण में सहभागी बनें। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने परिसर में वृक्षारोपण भी किया और जनपदवासियों के सुख, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

