बाल भिक्षावृत्ति और बाल श्रम पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
भदोही (जनवार्ता)। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में बुधवार को पुलिस लाइन ज्ञानपुर सभागार में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 के संबंध में गोष्ठी आयोजित की गई। अपर पुलिस अधीक्षक एवं एएचटीयू के नोडल अधिकारी शुभम अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम, बाल श्रम उन्मूलन तथा बेसहारा और असहाय बच्चों के संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की गई।


गोष्ठी में विशेष अभियान “ऑपरेशन नया जीवन फेज-2” की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अभियान के तहत जनपद में अब तक कुल 123 असहाय एवं बेसहारा बच्चों की पहचान कर उन्हें अधिकार और संरक्षण से जोड़ने की दिशा में कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई। अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाले कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने वर्ष 2026 में पॉक्सो एक्ट एवं गुमशुदा बच्चों से संबंधित पंजीकृत अभियोगों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ ही बाल भिक्षावृत्ति और बाल श्रम के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने सभी सरकारी विद्यालयों में मानव तस्करी एवं बाल श्रम के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमित चेकिंग कर बाल श्रम की रोकथाम सुनिश्चित करने को कहा गया। बच्चों की सुरक्षा, पहचान, पुनर्वास और उनके अधिकारों से संबंधित मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
गोष्ठी में किशोर न्याय बोर्ड, एएचटी थाना, सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, सहायक अभियोजन अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि मौजूद रहे। महिला आरक्षियों ने भी गोष्ठी में सहभागिता की।

