मणिकर्णिका की गलियों में नाव, छतों पर अंतिम संस्कार
वाराणसी (जनवार्ता)। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने काशी में बाढ़ के हालात गंभीर कर दिए हैं। मणिकर्णिका घाट तक जाने वाली गलियों में नाव चलने लगी है, जबकि कई स्थानों पर छतों पर अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं। जलस्तर बढ़ने से घाट पर शवदाह के लिए जगह कम पड़ रही है, जिससे परिजनों को इंतजार करना पड़ रहा है।
गंगा की बाढ़ का असर वरुणा नदी पर भी दिख रहा है। पलट प्रवाह के कारण निचले इलाकों और मोहल्लों में पानी भरने लगा है। कई क्षेत्रों में लोगों के सामने पलायन की स्थिति बन गई है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 68.74 मीटर दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर है।
बाढ़ के चलते शीतला घाट मंदिर जलमग्न हो गया है और वहां चल प्रतिमा की पूजा की जा रही है। गंगा आरती भी ऊंचे स्थानों और छतों पर आयोजित की जा रही है। अस्सी घाट का आरती स्थल भी पानी में डूब चुका है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, जबकि निचले इलाकों और खेतों में तेजी से पानी भर रहा है।

