12 साल बाद गुरु ग्रह के महागोचर पर देवगुरु बृहस्पति का हरियाली-हिम श्रृंगार
वाराणसी (जनवार्ता)। सावन मास में दशाश्वमेध स्थित देवगुरु बृहस्पति भगवान के मंदिर में गुरुवार को वार्षिक हरियाली एवं हिम श्रृंगार उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। 12 साल बाद गुरु ग्रह के महागोचर के विशेष संयोग के बीच आयोजित उत्सव में बाबा की दिव्य झांकी के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

इस अवसर पर देवगुरु बृहस्पति भगवान को अर्धनारीश्वर स्वरूप में सपरिवार चांदी एवं अष्टधातु से सुसज्जित पालने पर विराजमान कराया गया। 11 ब्राह्मणों की देखरेख में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद महंत अजय गिरी की देखरेख में विग्रह को स्वर्ण मुखौटा और छत्र धारण कराया गया।
वार्षिक उत्सव को लेकर मंदिर के मुख्य द्वार सहित पूरे परिसर को अशोक और कामिनी की पत्तियों, रंग-बिरंगे वस्त्रों तथा विद्युत झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। सुबह चार बजे मंगला आरती के बाद रुद्राभिषेक और भोग-प्रसाद का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने विधिवत दर्शन-पूजन कर देवगुरु भगवान का आशीर्वाद लिया।
शाम सात बजे से मध्यरात्रि तक मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। मां आदिशक्ति भजन मंडल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शहर के कलाकार भजनों की प्रस्तुति देकर देवगुरु भगवान की आराधना करेंगे।
मंदिर के महंत अजय गिरी ने बताया कि वार्षिक श्रृंगार उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन-पूजन और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। देर रात एक बजे महंत अजय गिरी, संतोष गिरी और अभिषेक गिरी की देखरेख में शयन आरती संपन्न होगी।

