गंगा डॉल्फिन संरक्षण का लिया संकल्प, बच्चों को बताया नदी के स्वास्थ्य में महत्व
वाराणसी (जनवार्ता)। प्राथमिक विद्यालय मंडुवाडीह में मंगलवार को नेशनल डॉल्फिन डे उत्साहपूर्वक मनाया गया। पांच अक्टूबर को मनाए जाने वाले नेशनल डॉल्फिन डे के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को गंगा डॉल्फिन के संरक्षण और उसके पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वेस इंडिया के निदेशक, प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं डॉल्फिन विशेषज्ञ डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बच्चों और उपस्थित लोगों को बताया कि गंगा डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है। उन्होंने कहा कि गंगा डॉल्फिन नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसकी मौजूदगी नदी के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है।
डॉ. श्रीवास्तव ने बच्चों को डॉल्फिन के संरक्षण के उपाय बताते हुए नदी को प्रदूषण से बचाने, जल में कचरा नहीं डालने तथा जलीय जीवों के प्रति संवेदनशील रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डॉल्फिन का संरक्षण केवल एक जीव की रक्षा नहीं, बल्कि गंगा के समग्र पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने का प्रयास है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और अतिथियों ने डॉल्फिन संरक्षण की शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं डॉल्फिन संरक्षण के लिए प्रयास करेंगे तथा परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को भी इसके महत्व के प्रति जागरूक करेंगे।
इस अवसर पर राज्य पुरस्कार प्राप्त विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सरिता राय के साथ शिक्षक श्रीमती नीलमा सिन्हा, श्रीमती रश्मि सिंह, श्री विपिन कुमार गुप्ता और श्रीमती मधु सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

