अलग-अलग ब्लड ग्रुप के बावजूद सफल किडनी ट्रांसप्लांट
– पत्नी ने पति को किडनी देकर बचाई जान, ओरियाना हॉस्पिटल के डॉ. एम.एन. सिंह की टीम ने हासिल की सफलता
वाराणसी (जनवार्ता)। चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए रविन्द्रपुरी स्थित ओरियाना हॉस्पिटल में अलग-अलग ब्लड ग्रुप होने के बावजूद किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया। किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. एम.एन. सिंह की टीम ने एबीओ इनकम्पैटिबल किडनी ट्रांसप्लांट की जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। इससे ब्लड ग्रुप अलग होने के बावजूद मरीज को किडनी प्रत्यारोपण का लाभ मिल सका। यह उपलब्धि पूर्वांचल के चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वही चंदौली निवासी संजीव कुमार की पत्नी रूबी ने अपने पति को किडनी दान कर उन्हें नया जीवन दिया। संजीव का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव (ए+) और उनकी पत्नी का बी पॉजिटिव (बी+) था। सामान्यतः अलग-अलग ब्लड ग्रुप होने पर प्रत्यारोपण की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में विशेष चिकित्सकीय तैयारी और उपचार की जरूरत होती है। जबकि डॉ. एम.एन. सिंह और उनकी टीम ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सफल प्रत्यारोपण किया।


