मनीष पांडेय हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
बस्ती (जनवार्ता)। लालगंज थाना क्षेत्र के महसों पूरब टोला में मनीष पांडेय की हत्या के बाद सोमवार को परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुलिस चौकी के सामने शव रखकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी हत्या के आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले में पुलिस की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं।


परिजनों का आरोप है कि मनीष के साथ दबंगों ने काफी देर तक मारपीट की, लेकिन सूचना के बावजूद पुलिस समय से मौके पर नहीं पहुंची। उनका दावा है कि घटना की सूचना मिलने के करीब तीन घंटे बाद थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना के बाद लालगंज पुलिस की कार्यशैली और क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में हत्या और चोरी जैसी घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है। थाने में तैनाती के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी ग्रामीणों में चर्चा है।
धरने पर बैठे परिजन और ग्रामीण आरोपितों की गिरफ्तारी तथा जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान और कार्रवाई का इंतजार है। हत्या की घटना के वास्तविक कारण और पुलिस की भूमिका की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

