भोजपुर एनकाउंटर: भरत तिवारी की मौत के बाद उठे सवाल, घुटनों और जांघ में लगी थीं चार गोलियां
आरा (जनवार्ता)। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बुधवार को पुलिस और पिस्टलधारी युवक के बीच हुई मुठभेड़ में घायल भरत भूषण तिवारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। 30 वर्षीय भरत भूषण तिवारी, गांव निवासी सेवानिवृत्त चालक सिपाही काशीनाथ तिवारी का पुत्र था। घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है, जबकि पुलिस ने मुठभेड़ को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है।

जानकारी के अनुसार, भरत के दोनों घुटनों और जांघ के हिस्से में चार गोलियां लगी थीं। घायल अवस्था में उसे पहले सदर अस्पताल, आरा ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए पीएमसीएच पटना रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक राज के मुताबिक, बुधवार सुबह सूचना मिली थी कि भरत तिवारी गांव में पिस्टल लहराते हुए हवाई फायरिंग कर रहा है। सूचना पर शाहपुर थाना पुलिस और एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस का दावा है कि युवक को बार-बार आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन वह लगातार पुलिस टीम पर फायरिंग करता रहा।
एसपी ने बताया कि पुलिस और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए एसटीएफ जवानों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर उसकी घेराबंदी की। जब जवान उसके नजदीक पहुंचे तो उसने पुलिस पर निशाना साधकर गोली चलाई। इसके बाद आत्मरक्षा और जनसुरक्षा के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें उसके पैरों में गोलियां लगीं।
घटना के बाद पुलिस ने युवक के पास से एक पिस्टल, दो कारतूस, एक मैगजीन और दो खोखे बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान उसकी ओर से आठ से दस राउंड तथा पुलिस की ओर से चार से पांच राउंड फायरिंग हुई।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भरत तिवारी का नाम पहले भी विवादों में रहा है। करीब एक वर्ष पूर्व उसे एक पुलिस अधिकारी से नोकझोंक और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
मुठभेड़ से पहले और घेराबंदी के दौरान भरत सोशल मीडिया पर भी सक्रिय था। पुलिस के अनुसार वह एक हाथ में पिस्टल और दूसरे हाथ में मोबाइल लेकर फेसबुक लाइव कर रहा था तथा वीडियो के माध्यम से पुलिस को चुनौती दे रहा था। उसके फेसबुक अकाउंट से घटना से जुड़े कई वीडियो प्रसारित हुए, जिनमें वह छत पर खड़े होकर हथियार लहराते और पुलिस को ललकारते दिखाई दे रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद वह घर से निकलकर गांव के बधार की ओर चला गया, जहां पुलिस ने उसे घेर लिया। मौके पर मौजूद अधिकारी लगातार उसे आत्मसमर्पण के लिए समझाते रहे, लेकिन स्थिति बिगड़ने के बाद मुठभेड़ हुई।
उल्लेखनीय है कि घटना से एक दिन पहले भी भरत द्वारा पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तानने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस समय पुलिस ने कहा था कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसे गिरफ्तार कर इलाज कराया जाएगा। हालांकि अगले ही दिन हुई मुठभेड़ और उसकी मौत ने पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

