सीएम योगी की सौगात: ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़कर हुआ 3500 रुपये, परिवार को पांच लाख तक कैशलेस इलाज
बरेली में मुख्यमंत्री ने की घोषणा
बरेली । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों को बड़ी सौगात देते हुए उनके मासिक मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब ग्राम प्रहरियों को 2500 रुपये के बजाय 3500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी एक सूचना किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है।

मंगलवार को बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरियों को अपनी जिम्मेदारी पूरी सजगता और सतर्कता के साथ निभानी चाहिए। गांव में उनकी भूमिका सीसीटीवी कैमरे जैसी है। उन्हें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए समय से पुलिस को सूचना देनी चाहिए। किसी से उलझने या खुद कार्रवाई करने के बजाय विश्वसनीय जानकारी पुलिस तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि थानाध्यक्ष या क्षेत्र के दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करें। इन बैठकों में गांव की समस्याओं, संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी सूचनाओं पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने गृह विभाग को ग्राम प्रहरी के रिक्त पदों पर नियुक्ति करने और पुलिस व ग्राम प्रहरियों के बीच नियमित संवाद सुनिश्चित करने को भी कहा।
मानदेय में 40 प्रतिशत की वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह किया जा रहा है। इस तरह प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वर्ष 2017 से पहले ग्राम प्रहरियों को 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब एकमुश्त एक हजार रुपये की वृद्धि से उनके मानदेय में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों के साथ होमगार्ड, पीआरडी जवानों और ग्राम प्रहरियों को भी बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्राम प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की नींव हैं। प्रदेश में एक लाख से अधिक राजस्व गांव होने के कारण उनकी जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
‘2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग ही लूट-खसोट करते थे’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले जो लोग सत्ता में थे, वही लूट-खसोट करते थे। उन्होंने कहा, “जो रहनुमा थे, वही चोर भी थे। वही डकैती डालते थे या डलवाते थे। ऐसे में जनता किससे उम्मीद करती? पुलिस भी मौन रह जाती थी।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में अपराधियों के मन में कानून का भय है और आम नागरिक सुरक्षित माहौल में पर्व-त्योहार मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि लूट, चेन स्नेचिंग करने वालों और बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था में सुधार से उत्तर प्रदेश की छवि बदली है। पहले प्रदेश के लोगों को बाहर अपनी पहचान छिपाने की नौबत आती थी, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। सुरक्षित वातावरण से व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है।
‘अब उपद्रव नहीं, उत्सव मनाता है उत्तर प्रदेश’
शारदीय नवरात्रि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पर्व-त्योहारों के दौरान अशांति की आशंका बनी रहती थी। अब प्रदेश में लोग भयमुक्त वातावरण में धार्मिक आयोजन कर रहे हैं। देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ और जगह-जगह स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के पूजा पंडाल सुरक्षित माहौल का प्रमाण हैं।
उन्होंने मां चंद्रघंटा को नमन करते हुए कहा कि घंटे का नाद भयमुक्त वातावरण का प्रतीक है। मां भगवती का स्वरूप असुरों, अराजक तत्वों, दंगाइयों और आतंकियों के मन में भय पैदा करने का संदेश देता है।
अफवाहों, वन्यजीवों और भू-माफिया पर रखें नजर
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से गांवों में फैलने वाली अफवाहों, वन्यजीवों से संभावित खतरों और भू-माफिया की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों में वन्यजीवों से जुड़ी घटनाओं का खतरा रहता है। ऐसी परिस्थितियों में ग्राम प्रहरियों की समय पर दी गई सूचना बड़ी घटना को रोकने में मददगार हो सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी संदिग्ध गतिविधि की पूरी पुष्टि नहीं होने पर भी ग्राम प्रहरी पुलिस को सूचना दे सकते हैं। पुलिस तथ्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। ग्राम प्रहरियों को स्वयं किसी विवाद में पड़ने के बजाय अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
ग्राम प्रहरियों के परिवारों को भी मिलेगा स्वास्थ्य लाभ
मुख्यमंत्री ने करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों के कल्याण और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में ग्राम प्रहरियों को टॉर्च और डंडा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। अब मानदेय में वृद्धि और स्वास्थ्य सुविधा के माध्यम से उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
11 ग्राम प्रहरी सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को साफा पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में बरेली के राजवीर सिंह, कुंवर पाल सिंह और राम राठौर; पीलीभीत के राजेंद्र वाल्मीकि; शाहजहांपुर के कमलेश; मुरादाबाद के कमलेश सिंह सैनी; बिजनौर के राजेश सैनी; संभल के अनिल वाल्मीकि; रामपुर के ध्यान सिंह चौहान और प्रकाश तथा अमरोहा के तेजपाल प्रजापति शामिल रहे। इस अवसर पर ग्राम प्रहरियों के योगदान पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, मंत्री संजय गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार, बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सुरेश खन्ना ने बताया संवेदनशील कदम
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि कर उनके समर्पण और योगदान का सम्मान किया है। यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
धर्मपाल सिंह बोले- फिर बनेगी योगी सरकार
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा फिर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार से गांवों का माहौल बदला है और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है।

