गंगा जन्मोत्सव की शुरुआत, ब्रजघाट पर तीन दिवसीय आयोजन
गंगा सप्तमी पर महाआरती, सुंदरकांड पाठ और नौका विहार से भक्तिमय माहौल
गंगा सप्तमी के अवसर पर ब्रजघाट में मंगलवार से तीन दिवसीय गंगा जन्मोत्सव समारोह की शुरुआत हो गई। पहले दिन धार्मिक अनुष्ठानों और भव्य आयोजनों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

समारोह का शुभारंभ भगवान शिव के अभिषेक से हुआ, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान मुख्य यजमान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
गंगा जन्मोत्सव के तहत संगीतमयी सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जा रहा है। गोल्डन माता रुद्राणी जी महाराज के सानिध्य में हो रहे इस आयोजन में भक्त भक्ति रस में सराबोर नजर आएंगे। साथ ही प्रतिदिन शाम को भव्य गंगा महाआरती आयोजित की जाएगी, जिसमें काशी शैली की विशेष झलक देखने को मिलेगी।
आयोजकों के अनुसार, मां गंगा की प्रतिमा को कलयुग की अवतार मानते हुए विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। गंगा आरती सभा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि तीनों दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जिनमें कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
समारोह का मुख्य आकर्षण गंगा मैया का नौका विहार रहेगा। गंगा तट पर शाम के समय होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत और अलौकिक अनुभव साबित होगा। बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
22 और 23 अप्रैल को कार्यक्रमों का क्रम जारी रहेगा। सुबह 11 बजे मंचीय कार्यक्रम, दोपहर 1 बजे राजभोग, 3 बजे गंगा अभिषेक, शाम 5 बजे नौका विहार, 6 बजे महाआरती, 7 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात 8 बजे प्रसादी वितरण किया जाएगा।
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर गंगा जन्मोत्सव में सहभागिता करने की अपील की है।

