पारा जाएगा 50 डिग्री के पार? राजस्थान में 8 की मौत,ये शहर रहे सबसे गर्म;मौसम का हाल

पारा जाएगा 50 डिग्री के पार? राजस्थान में 8 की मौत,ये शहर रहे सबसे गर्म;मौसम का हाल

नई दिल्ली। देश भर के मौसम की बात करें तो उत्तर भारत में भयानक गर्मी का कहर जारी है। प्रचंड गर्मी की मार से लोगों का हाल बेहाल है। आधे भारत में पारा रिकॉर्ड तोड़ हाई चल रहा है। देश के Top 10 सबसे गर्म शहरों के चार्ट में लगातार नए नए शहर अपनी जगह बना रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक बीते गुरुवार की बात करें तो राजस्थान का बाड़मेर 48.8 डिग्री सेल्सियस के साथ पूरे देश में सबसे गर्म रहा। वहीं दूसरे नंबर पर गुजरात का अहमदाबाद 46।6 और मध्य प्रदेश का गुना शहर 46।6 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ दूसरे स्थान पर रहा। तीसरे नंबर पर पंजाब का भटिंडा शहर रहा जहां एयरपोर्ट के पास करीब 45।5 डिग्री सेल्सियस रहा।

rajeshswari

राजस्थान में भीषण गर्मी से आठ लोगों की मौत की खबर आई है। हालांकि दिल्ली-एनसीआर में दिन में तो लू से राहत मिल रही है, लेकिन गर्म रातों ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम के मानकों के मुताबिक, न्यूनतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर और सामान्य से साढ़े चार डिग्री ज्यादा होने पर उसे गर्म रात की स्थिति माना जाता है।

गुरुवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 30.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को भी तेज गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

मौसम विभाग ने कई राज्यों में लू को लेकर रेज अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-NCR में नमी बढ़ने से उमस भी बढ़ गई है। दिल्ली आग की भट्टी बनती जा रही है। उत्तर भारत में तो तापमान बढ़ रही रहा है लेकिन उत्तर पूर्वी राज्यों में भी पारा सामान्य से अधिक है। जानिए देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का क्या अपडेट है। पांच राज्यों में लू का रेड अलर्ट है। इस सूची में यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान का नाम शामिल हैं। वहीं आज हिमाचल प्रदेश में भी लू का अलर्ट है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले कश्मीर में लू का अलर्ट आया तो सभी हैरान रह गए थे।

इसे भी पढ़े   डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म,खेत में फेंककर आरोपी फरार

देश के मौसम की बात करें पश्चिम मध्य और उससे सटे दक्षिण बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव क्षेत्र बीते 20 घंटों के दौरान उत्तर पूर्व की ओर बढ़ गया। इसके आज बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों पर एक दबाव के रूप में केंद्रित होने की संभावना है।

केरल में अलग परेशानी
उत्तर भारत तप रहा है तो दक्षिण भारत के केरल में प्री मानसून बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आज राज्य के दो जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है जिससे तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और त्रिशूर सहित प्रमुख शहरों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गयी। IMD ने एर्णाकुलम और त्रिशूर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया। इससे पहले इन दोनों स्थानों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था।

मौसम विभाग ने राज्य के पथानमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर से अधिक की भारी से अत्यधिक भारी बारिश का संकेत देता है, जबकि ऑरेंज अलर्ट के तहत 11 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर के बीच भारी बारिश की संभावना होती है। 6 से 11 सेंटीमीटर के बीच भारी बारिश की संभावना होने पर येलो अलर्ट जारी किया जाता है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि थोड़े समय के भीतर होने वाली तीव्र बारिश से अचानक बाढ़ आ सकती है। शहरी और निचले इलाके विशेष रूप से जलभराव की चपेट में हैं। लंबे समय तक बारिश से भूस्खलन भी हो सकता है। लोगों को ऐसे मौसम के दौरान होने वाली घटनाओं के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।’

इसे भी पढ़े   अतीक अहमद की पत्नी ने योगी को लिखी खुली चिट्ठी,कहा- वो सर्वसमाज के नेता

वर्तमान में राज्य भर में लगे आठ राहत शिविरों में 223 लोगों को रखा गया है। भारी बारिश के कारण कोच्चि के बस अड्डा परिसर में भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। टीवी चैनलों पर जारी फुटेज के अनुसार, कोच्चि शहर की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न होने से यातायात अवरुद्ध हो गया है। पुलिस अधिकारियों को शहर के विभिन्न स्थानों पर वाहनों का मार्ग बदलवाते हुए देखा जा सकता है।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 19 से 22 मई तक राज्य में बारिश से संबंधित विभिन्न घटनाओं में चार लोगों की मौत हो चुकी है। KSDMA ने कहा कि उक्त अवधि के दौरान कुल 76 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए जबकि तीन घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। भारी बारिश को देखते हुए तिरुवनंतपुरम और कोट्टायम जिलों में दो राहत शिविर लगाए गए हैं।

त्रिशूर शहर भी जलभराव की समस्या से पीड़ित है। दुकानों और यहां तक कि कुछ निजी अस्पतालों में भी पानी भर गया। त्रिशूर के जिलाधिकारी ने निगम अधिकारियों को सात दिनों के भीतर अपनी सीमा में नदियों और नालों को साफ करने के निर्देश जारी किए हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारी बारिश के कारण कोझिकोड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानों में विलंब हो रहा है। इस बीच, इडुक्की जिले में मलंकारा बांध के चार शटर उठा दिए गए और अधिकारियों ने तोडुपुज़ा, मुवत्तुपुझा नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को बढ़ते पानी से सावधान रहने की चेतावनी दी है। राज्य के उत्तरी जिलों में भारी जलभराव और बारिश से कई जगहों पर कई सड़कों के क्षतिग्रस्त हो गईं। KSDMA ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है।

Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *