गोरखपुर: कारोबारी की संदिग्ध मौत
गोरखपुर (जनवार्ता)।
टेंट कारोबारी अंबरीश श्रीवास्तव की मौत का मामला अब जांच के अहम मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस इस घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट और घटना से पहले हुई तीन महत्वपूर्ण फोन कॉल को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं, परिजन इसे हादसा मान रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, अंबरीश गुरुवार को मुरादाबाद से लौटे थे और देर रात करीब 11 बजे घर पहुंचे। इसके बाद शुक्रवार सुबह वह अपनी कार से कुसम्ही स्थित फार्म हाउस गए, जहां गोली लगने से उनकी मौत हो गई।
जांच के दौरान सामने आया है कि घटना से पहले अंबरीश ने तीन लोगों से बातचीत की थी। इनमें एक लखनऊ का ठेकेदार शामिल है, जिसे उनका कारोबारी साझेदार बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इसी ठेकेदार से उनकी आखिरी बातचीत हुई थी। इसके अलावा शहर के दो अन्य लोगों और पत्नी से भी उनकी कई बार बातचीत हुई थी।
पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है, जिससे बातचीत की समय-सीमा, अवधि और संभावित विषय को समझा जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इन कॉल्स से घटना से पहले की परिस्थितियों पर रोशनी पड़ सकती है।
मामले में फोरेंसिक टीम की जांच भी अहम भूमिका निभा रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, जैसे खून के नमूने, पिस्टल की स्थिति और गोली के एंगल का परीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस्तेमाल की गई पिस्टल चेक गणराज्य निर्मित बताई जा रही है, जिसकी तकनीकी जांच भी जारी है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोली चलना महज हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। इसके साथ ही, मुरादाबाद से लौटने के बाद अंबरीश किन लोगों से मिले और कहां गए, इसका पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि जांच में जल्दबाजी से बचते हुए सभी पहलुओं को वैज्ञानिक तरीके से परखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

