गोरखपुर में स्मार्ट सेंसर से होगी जलभराव पर नजर
गोरखपुर (जनवार्ता)। बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए गोरखपुर नगर निगम ड्रेनेज सिस्टम को हाईटेक बनाने जा रहा है। अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (यूएफएमसी) के विस्तार के तहत शहर के विभिन्न नालों पर 120 नए ऑटोमैटिक वाटर लेवल रिकॉर्डर (एडब्लूएलआर) लगाए जाएंगे। इनमें गोड़धोइया नाले पर 12 स्मार्ट सेंसर स्थापित किए जाएंगे।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर के 110 प्रमुख नालों पर पहले से लगे स्मार्ट सेंसर प्रभावी साबित हुए हैं। अब इस तकनीक का विस्तार उन क्षेत्रों तक किया जा रहा है, जो अब तक निगरानी प्रणाली से बाहर थे।
गोड़धोइया नाला शहर की जल निकासी व्यवस्था का अहम हिस्सा है। करीब 17 वार्डों का पानी इसी नाले से होकर गुजरता है। यहां लगाए जाने वाले सेंसर रियल-टाइम में जलस्तर की जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचाएंगे। इससे प्रशासन को पहले ही जलभराव की आशंका का पता चल सकेगा।
नगर निगम का कहना है कि नई व्यवस्था से रिस्पांस टाइम कम होगा। जलस्तर खतरे के करीब पहुंचते ही कंट्रोल रूम में स्वतः अलर्ट जारी होगा और संबंधित पंपिंग स्टेशन तुरंत चालू कराए जा सकेंगे। इससे जलभराव की स्थिति बनने से पहले कार्रवाई संभव होगी।
सेंसर से मिलने वाला डेटा भविष्य की ड्रेनेज योजना बनाने में भी मदद करेगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किन इलाकों में पानी का दबाव अधिक रहता है और कहां नालों को और चौड़ा करने की जरूरत है।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है। परियोजना को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के समक्ष प्रस्तुति भी दी जा चुकी है।

