आगरा में ओलावृष्टि, कासगंज में भाई-बहन की मौत
मथुरा में आंधी-बारिश से गेहूं भीगा, 35 जिलों में ओले और 55 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट
लखनऊ/आगरा/मथुरा। उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। आगरा में देर रात ओले गिरे, जबकि मथुरा और संभल में बारिश दर्ज की गई। कासगंज में आंधी के दौरान पेड़ गिरने से उसके नीचे खड़े भाई-बहन की दबकर दर्दनाक मौत हो गई।


शनिवार सुबह से मेरठ, गाजियाबाद समेत करीब 20 शहरों में बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। मौसम विभाग ने शनिवार को 35 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। साथ ही 55 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग के अनुसार इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 3 अप्रैल से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का यह बदलाव देखने को मिल रहा है। अनुमान है कि 9 अप्रैल तक अगले पांच दिन मौसम ऐसा ही बना रहेगा।
शुक्रवार को मथुरा में हुई बारिश से कोसीकलां अनाज मंडी में रखी 10 हजार बोरियों में लगभग 5 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया, जिससे किसानों और व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ। वहीं आगरा में बारिश और तेज हवाओं के कारण 5 कच्चे मकान ढह गए।
इधर, प्रदेश में बिजली गिरने की घटनाओं ने भी चिंता बढ़ा दी है। बीते 48 घंटे में बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में वाराणसी के एक सरकारी शिक्षक और उनकी पत्नी, चित्रकूट के 2 लोग तथा ललितपुर का 1 व्यक्ति शामिल है।
लखनऊ स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी के कारण प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रह सकता है।

