स्वयं सहायता समूहों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ (जनवार्ता) । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों के संचालन और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नवगठित स्वयं सहायता समूहों को सात दिनों के भीतर डिजिटल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए जाएं तथा एसएमएस के माध्यम से समूह की स्वीकृति और अन्य आवश्यक जानकारियां तत्काल भेजी जाएं, ताकि समूह समय पर योजनाओं का लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि भविष्य में मिशन के अंतर्गत होने वाले सभी कार्यों की समीक्षा केवल कागजी अभिलेखों के आधार पर नहीं, बल्कि जियो-टैग फोटो, पोर्टल पर उपलब्ध वास्तविक डेटा और धरातलीय साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। अधिकारियों को समूह गठन की गति तेज करने, निष्क्रिय स्वयं सहायता समूहों को पुनः सक्रिय करने तथा जिला एवं ब्लॉक स्तर पर नियमित साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
उपमुख्यमंत्री ने महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीमा सखी की तैनाती, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा प्रेरणा कृषि उपकरण बैंक का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सभी पात्र लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए, जिससे उन्हें स्वरोजगार, बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय समावेशन का लाभ मिल सके।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ और आगे चलकर ‘करोड़पति दीदी’ बनाने के लक्ष्य को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि ही उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से हरसंभव प्रयास कर रही है।

