सभी शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट का प्रावधान लागू करे सरकार : सनत कुमार सिंह

सभी शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट का प्रावधान लागू करे सरकार : सनत कुमार सिंह

संवेदनशीलता से निर्णय लेने की मांग

वाराणसी (जनवार्ता)। शिक्षक दिवस से पूर्व सरकार को सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से स्थायी छूट देने का प्रावधान लागू करना चाहिए। यह मांग शिक्षक नेता सनत कुमार सिंह ने उठाई है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे अनुभवी और वरिष्ठ शिक्षकों की सेवा, सम्मान तथा नौकरी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।

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सनत कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने वरिष्ठ एवं अनुभवी शिक्षकों के कल्याण, स्वास्थ्य सुरक्षा और सम्मान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना के माध्यम से शिक्षकों और उनके परिवारों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के तहत महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित है।

उन्होंने कहा कि आठवें वेतन आयोग से संबंधित प्रस्तावों में विद्यालयी शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने तथा पुरानी पेंशन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा चल रही है। उनके अनुसार, तमिलनाडु में वर्ष 2010 से पहले नियुक्त अनुभवी एवं वरिष्ठ सरकारी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से स्थायी छूट देने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इससे उनकी लंबी सेवा और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

सनत कुमार सिंह ने कहा कि कई राज्यों में योग्य एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को मानद अथवा स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में शिक्षण कार्य से जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है। इससे अनुभवी शिक्षक 65 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं दे सकते हैं और उनके लंबे अनुभव का लाभ नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को मिल सकता है।

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उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस से पहले सरकार को सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से स्थायी छूट यानी ‘टीईटी से मुक्ति’ का प्रावधान लागू करना चाहिए। सरकार को समय-समय पर शिक्षकों की समस्याओं और उनकी मांगों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक अपनी समस्याएं लेकर सरकार के पास नहीं जाएंगे तो अपनी पीड़ा आखिर किसके सामने रखेंगे। सरकार को शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए उनके हित में उचित निर्णय लेना चाहिए।

Shiv murti

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