ऐपवा की महिलाओं ने रखा सांकेतिक भूख हड़ताल
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
वाराणसी (जनवार्ता)। राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की महिलाओं ने दुर्गाकुंड स्थित घसियारी टोला में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समीप एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा की प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने आरोप लगाया कि विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से कदम उठाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान रोजा मैथ्यू ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) से जुड़े विवादों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।
ऐपवा की जिलाध्यक्ष सुतपा ने कहा कि युवाओं की समस्याओं की अनदेखी लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। वहीं किसान नेता कृपा वर्मा ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
दिनभर चले सांकेतिक उपवास का समापन वरिष्ठ सदस्य कृपा वर्मा ने आंदोलनकारी महिलाओं को जूस पिलाकर कराया। प्रदर्शन में कुसुम वर्मा, सुतपा, रोजा मैथ्यू, बेबी, धनशीला, सोनी, सोना, विभा, सीमा, अनीता, पूजा, स्मिता, गायत्री और मुन्नी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

