चौबेपुर में बढ़ा चोरियों का ग्राफ, खुलासा न होने पर ग्रामीणों में आक्रोश
पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप, थाना प्रभारी पर ‘चहेते’ होने का संदेह
वाराणसी (जनवार्ता) : चौबेपुर थाना क्षेत्र में पिछले डेढ़ माह के भीतर चोरियों की बढ़ती घटनाओं ने ग्रामीणों के धैर्य की सीमा तोड़ दी है। एक के बाद एक चार बड़ी चोरियों का खुलासा न होने से क्षेत्र में आक्रोश की आग भड़क उठी है। ग्रामीण पुलिस पर निष्क्रियता और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

धड़ल्ले से हो रही वारदातें, पुलिस मूकदर्शक:
क्षेत्र में हुई घटनाएं बताती हैं कि चोर किसी भी रुकावट से बंधे नहीं हैं:
· 28 फरवरी: थाने से कुछ ही दूरी पर रात में लाखों रुपये की 60 बाल्टी पेंट चोरी।
· 20 मार्च: बहादुर गांव के पास 14 चक्का ट्रक से लाखों के चार टायर गायब।
· 9 अप्रैल: लक्ष्मीसेनपुर में दिनदहाड़े ताला तोड़कर 25 हजार नकद और लाखों के आभूषण चोरी।
· 17 अप्रैल: अनुराग राय के ढाबे से 5 हजार नकद व कीमती मोबाइल चोरी।
पीड़ितों का दर्द: सभी पीड़ितों का कहना है कि थाना प्रभारी से लिखित शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक पीड़ित ने बताया, “चोरी की घटनाओं की पड़ताल तक नहीं हो रही। पुलिस हमें इधर-उधर टाल रही है।”
प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ और वाराणसी पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के सख्त निर्देशों के बावजूद जमीनी हकीकत उलट नजर आ रही है। जानकारों के अनुसार, कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद भी चोरों के हौसले बुलंद हैं। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस चाहे जितनी अपनी पीठ थपथपाए, चौबेपुर थाना क्षेत्र की लगातार बढ़ती चोरियाँ उच्च अधिकारियों की अनदेखी का सवाल खड़ी करती हैं।
नाराज ग्रामीण बोले – ‘योगी के निर्देश फेल’?
थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप:
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, चौबेपुर के थाना प्रभारी पुलिस आयुक्त के चहेते माने जाते हैं। यही कारण हो सकता है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक ऊपर से सख्ती नहीं होगी, यह सिलसिला जारी रहेगा।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि:
क्या पुलिस आयुक्त गंभीरता दिखाते हुए चहेतों-अचहेतों से परे हटकर कार्रवाई करेंगे, या फिर पुलिस में ‘यस बॉस’ का पुराना चलन कायम रहेगा। फिलहाल, चौबेपुर के ग्रामीण आक्रोशित हैं और त्वरित न्याय की मांग को लेकर बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।

