चन्द्रमा सिंह हिन्दी साहित्य के ज्वलंत नक्षत्र, उनके साहित्य पर हो गंभीर शोध

चन्द्रमा सिंह हिन्दी साहित्य के ज्वलंत नक्षत्र, उनके साहित्य पर हो गंभीर शोध

चन्द्रमा सिंह रचनावली’ भाग-2 का हुआ लोकार्पण, साहित्यिक योगदान पर वक्ताओं ने डाला प्रकाश

डॉ. राजकुमार सिंह को मिला ‘पत्रकारिता गौरव सम्मान-2026’

द्वितीय सत्र में कवि सम्मेलन आयोजित, अनेक साहित्यकारों ने किया काव्य-पाठ

वाराणसी (जनवार्ता)। राजेश्वरी महिला पीजी कॉलेज, हरहुआ में राजेश्वरी एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध साहित्यकार चन्द्रमा सिंह की 93वीं जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं चन्द्रमा सिंह के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इतिहासकार राघवशरण शर्मा ने की। मुख्य अतिथि तिब्बतन इंस्टीट्यूट के प्रो. उमेश प्रसाद सिंह, विशिष्ट अतिथि जनवार्ता के संपादक डॉ. राज कुमार सिंह, साहित्यकार डॉ. रामसुधार सिंह तथा मुख्य वक्ता प्रो. इंदीवर रहे। इस अवसर पर डॉ. राघवेन्द्र नारायण सिंह द्वारा संपादित ‘चन्द्रमा सिंह रचनावली’ भाग-2 का अतिथियों ने विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालन हाजी लेयाकत अली ने किया।

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ट्रस्ट के चेयरमैन एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राघवेन्द्र नारायण सिंह ने स्वागत भाषण में चन्द्रमा सिंह को सत्तर और अस्सी के दशक के जनसरोकारों से जुड़े बहुआयामी साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी बताया। मुख्य वक्ता प्रो. इंदीवर ने उन्हें हिन्दी साहित्य का ज्वलंत नक्षत्र बताते हुए उनके काव्य और चिंतन की विस्तार से चर्चा की। डॉ.रामसुधार सिंह ने उनकी कविताओं को आम आदमी के संघर्ष की अभिव्यक्ति बताया। डॉ. राजकुमार सिंह ने उन्हें प्रमुख जनवादी साहित्यकार बताया, जबकि प्रो. उमेश प्रसाद सिंह ने उनकी रचनाओं में निहित जीवन-मूल्यों की व्याख्या करते हुए उनके साहित्य पर गंभीर शोध की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर शिक्षा, सामाजिक सेवा, महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास, विधिक सेवा, मीडिया एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नौ व्यक्तियों को चन्द्रमा सिंह स्मृति सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। जय प्रकाश दूबे को ‘शिक्षक शिरोमणि सम्मान’, डॉ. भवनाथ सिंह को ‘विद्यारत्न सम्मान’, जगदीश दुबे को ‘गुरु गौरव सम्मान’, अलका यादव को ‘महिला शक्ति गौरव सम्मान’, सोनू प्रसाद को ‘ग्राम विकास गौरव सम्मान’, दीपक चौहान को ‘जनसेवा गौरव सम्मान’, आशुतोष नारायण शर्मा को ‘न्याय एवं विधि गौरव सम्मान’, डॉ. राजकुमार सिंह को ‘पत्रकारिता गौरव सम्मान’ तथा रजनीकान्त श्रीवास्तव को ‘विधि विभूषण सम्मान’ से स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में प्रो. इशरत जहाँ की अध्यक्षता में काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें डॉ. नसीमा निशा, डॉ. महेन्द्र तिवारी ‘अलंकार’, डॉ. संगीता श्रीवास्तव ‘सहर’, डॉ. प्रताप शंकर दूबे, डॉ. करुणा सिंह, ऋतु दीक्षित, मधूलिका राय ‘गधु’, मु. आमिर, एखलाक भारतीय, आलोक सिंह, कुमार महेन्द्र और अनु मिश्रा सहित अनेक कवियों एवं साहित्यकारों ने काव्य-पाठ किया।
अंत में ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. राघवेन्द्र नारायण सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में संयोजक उपनिदेशक अंशुमान सिंह, कौशलेन्द्र नारायण सिंह, विजयेन्द्र नारायण सिंह, डॉ. कुमुद सिंह, डॉ. नृपेन्द्र नारायण सिंह, डॉ. महेन्द्र प्रताप सिंह, रतन पाण्डेय, रमेश तिवारी, हृदयनारायण दूबे सहित महाविद्यालय के शिक्षक, छात्राएं और बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने चन्द्रमा सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

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चित्र परिचय:

1.डॉ.राघवेन्द्र नारायण सिंह द्वारा संपादित ‘चन्द्रमा सिंह रचनावली’ भाग-2 का विमोचन करते अतिथि।

2.जनवार्ता के संपादक डॉ. राजकुमार सिंह को ‘पत्रकारिता गौरव सम्मान-2026’प्रदान करते डा राघवेंद्र सिंह।

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