मुख्यमंत्री योगी ने राहत शिविर में परिवारों से संवाद कर जानी समस्याएं

मुख्यमंत्री योगी ने राहत शिविर में परिवारों से संवाद कर जानी समस्याएं

किसानों की फसल क्षति का मुआवजा देने के निर्देश

वाराणसी (जनवार्ता) । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और सलारपुर स्थित विद्याविहार इंटर कॉलेज में बनाए गए राहत शिविर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

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मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों से बातचीत कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी पूछा और उन्हें स्नेह दिया। राहत सामग्री में दूध, फल, अनाज, बाल्टी, मग, बिस्किट, नमक, तौलिया, तेल समेत 26 आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वरुणा नदी में बैकफ्लो के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि पहले बरसात के मौसम में प्रदेश के 40-45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे, लेकिन पिछले साढ़े नौ वर्षों में किए गए कार्यों का परिणाम है कि वर्तमान में केवल 14 जिले ही कुछ हद तक प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि मस्तिष्क ज्वर जैसी बीमारियों पर भी प्रभावी नियंत्रण किया गया है।

उन्होंने बताया कि वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव कार्य के लिए 48 नावें लगाई गई हैं। चिकित्सा सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, 1131 किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मकान गिरने, आकाशीय बिजली और सर्पदंश जैसी घटनाओं को भी आपदा की श्रेणी में शामिल किया गया है। ऐसे मामलों में प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर लोग बेघर हुए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में उचित छिड़काव कराया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की बीमारी फैलने न पाए। मुख्यमंत्री ने कहा, “संकट की घड़ी में आप अकेले नहीं हैं, पूरी सरकार आपके साथ खड़ी है।”

मुख्यमंत्री ने काशी के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज काशी नई काशी के रूप में अपने नए कलेवर को संजो रही है। काशी विश्वनाथ धाम, घाटों का विकास, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़क चौड़ीकरण और रिंग रोड जैसी परियोजनाओं ने काशी को नई पहचान और गरिमा प्रदान की है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी जग्गू राम मौर्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार जनता के दरवाजे पर खड़ी रहती है और प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने का कार्य किया जाता है।

कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक त्रिभुवन राम, जिलाध्यक्ष रामशकल पटेल, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सीडीओ प्रखर कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Shiv murti

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