मांग घटी, कटौती बढ़ीछोटी खराबियां दूर करने में लग रहे घंटों, बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
वाराणसी (जनवार्ता)। बारिश के बाद मौसम सामान्य होने और बिजली की मांग घटने के बावजूद उपभोक्ताओं को कटौती से राहत नहीं मिल रही है। छोटी-छोटी खराबियां दूर करने में भी दो से तीन घंटे लग रहे हैं। ट्रांसफार्मर के डीओ और बिजली के खंभों से जंफर उड़ने जैसी शिकायतों पर लाइनमैन समय से मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि अधिकारी जल्द आपूर्ति बहाल करने का भरोसा देते हैं, लेकिन खराबी दूर होने का समय स्पष्ट नहीं बताते। शिकायतें मुख्य अभियंता और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी तक पहुंच रही हैं। एमडी ने खराबी की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई और बड़ी खराबी पर अधिशासी अभियंता को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
गर्मी में बिजली की मांग 930 मेगावाट तक पहुंचने से ओवरलोड की समस्या थी, लेकिन बारिश के बाद मांग घटने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। हरहुआ के गजोखर, चेतमणि और वरुणापार क्षेत्रों में मरम्मत कार्यों के दौरान निर्धारित अवधि से अधिक समय तक आपूर्ति बाधित रही।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिजली की मांग कम होने के बाद भी विभागीय व्यवस्था पटरी पर क्यों नहीं लौट पा रही है।

