साइबर ठगी के तीन बड़े मामलों में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
9 शातिर अपराधियों पर कसा शिकंजा
वाराणसी (जनवार्ता)। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से जुड़े तीन बड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 9 शातिर साइबर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इन मामलों में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उनकी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने की पहल की है।

पुलिस के अनुसार पहला मामला रामनगर निवासी अनूप गुप्ता से 8.38 लाख रुपये की साइबर ठगी का है। जांच के दौरान पश्चिम बंगाल से दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके कब्जे से आईफोन, एंड्रॉयड मोबाइल और 1.52 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। आरोपी फर्जी बैंक और आरटीओ भुगतान संबंधी एप्लीकेशन भेजकर लोगों के मोबाइल का एक्सेस हासिल करते थे तथा बैंक खातों से धनराशि निकाल लेते थे। इस मामले में थाना रामनगर में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
दूसरा मामला चौबेपुर निवासी मदन मोहन मिश्र से 42.50 लाख रुपये की साइबर ठगी का है। इस प्रकरण में धनबाद (झारखंड) से पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी दस्तावेज, वाहन तथा 66 हजार रुपये नकद बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि गिरोह ट्रोजन और एसएमएस फॉरवर्डर आधारित एपीके फाइल के माध्यम से लोगों के बैंक खातों तक पहुंच बनाकर धनराशि हड़प लेता था। इस मामले में थाना चौबेपुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
तीसरा मामला रोहनिया क्षेत्र के आयुष कुमार से 20.16 लाख रुपये की साइबर ठगी का है। आरोपियों ने प्रतिष्ठित कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन चलाकर लोगों को फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा दिया था। पुलिस ने इस मामले में झारखंड और बिहार से गैंग सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 14 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, वाई-फाई राउटर तथा नकदी बरामद हुई थी। इस मामले में थाना रोहनिया में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस आयुक्त के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के विरुद्ध बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के संगठित गिरोहों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

