नगर निगम के प्रस्ताव के विरोध में मीट-मछली कारोबार बंद, शहरभर में दिखा असर
वाराणसी (जनवार्ता)। नगर निगम द्वारा मीट एवं मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में बुधवार को वाराणसी के मीट एवं मछली व्यवसायियों ने एक दिवसीय रोजगार बंदी की। बंदी का असर शहर के कई प्रमुख बाजारों और मंडियों में देखने को मिला, जहां अधिकांश मीट और मछली की दुकानें बंद रहीं।

व्यवसायियों के अनुसार चौकाघाट, पुराना पुल, रामनगर, लहरतारा, सुंदरपुर, नाथूपुर (डीएलडब्ल्यू), मंडुवाडीह, लल्लापुरा, शिवपुर, शिवाला, गौरीगंज, बौलिया, नई सड़क (बेनिया), रेवड़ी तालाब, लंका, सोनारपुरा, बेलवारिया, चांदमारी, चितईपुर और अवलेशपुर समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापारियों ने बंदी का समर्थन किया।
बंदी के दौरान व्यापारियों ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था और संबंधित पक्षों से व्यापक संवाद किए दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करना हजारों व्यापारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय से पहले सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का अध्ययन कर सभी हितधारकों से चर्चा की जानी चाहिए।
व्यवसायियों ने अपने पक्ष में संविधान के विभिन्न प्रावधानों का उल्लेख करते हुए वैध व्यवसाय करने के अधिकार और आजीविका की सुरक्षा की बात कही। उनका कहना था कि यदि सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से सुधार आवश्यक हैं, तो आधुनिक और स्वच्छ सुविधाओं के साथ व्यवस्थित समाधान निकाला जाना चाहिए।
बंदी के दौरान व्यापारियों ने नगर निगम से तीन प्रमुख मांगें रखीं—
दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्तावित निर्णय को वापस लिया जाए।
व्यवसायियों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर सर्वसम्मति से समाधान निकाला जाए।
हजारों परिवारों के रोजगार और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करता है, तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जाएगा। बंदी में शहर की विभिन्न मीट एवं मछली मंडियों के बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल रहे।

