लोक चेतना ने 51 लीटर दूध से किया वरुणा नदी का दुग्धाभिषेक
गंगा-वरुणा कॉरिडोर का किया स्वागत
वाराणसी (जनवार्ता)। लोक चेतना संस्था के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को शास्त्री घाट पर काशी की आदि नदी वरुणा का 51 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक किया। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित गंगा-वरुणा कॉरिडोर एवं वरुणा किनारे एलिवेटेड सड़क निर्माण का स्वागत करते हुए नदी की स्वच्छता, निर्मलता और अविरलता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।


संस्था के अध्यक्ष के.के. उपाध्याय ने कहा कि सड़क निर्माण स्वागतयोग्य पहल है, लेकिन इसके साथ ही वरुणा नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन पर प्राथमिकता से कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वरुणा काशी की सांस्कृतिक पहचान और जीवनरेखा रही है, जो आज गंदे नालों और मलजल के कारण मृतप्राय स्थिति में पहुंच गई है।
उन्होंने मांग की कि नदी की सिल्ट की सफाई कर उसकी गहराई बढ़ाई जाए, एसटीपी के माध्यम से शोधित जल ही नदी में छोड़ा जाए तथा सीधे गिर रहे सीवर और नालों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना था कि वरुणा की निर्मलता और अविरलता से ही काशी का पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव और अधिक सशक्त होगा।
कार्यक्रम में कैलाश सिंह, निशांत बरनवाल, राजन तिवारी, गौरव केशरी, अभिषेक गिरी, अरुण मौर्य, संजय श्रीवास्तव, तुलसी बत्रा, राकेश सिंह, बृजेश श्रीवास्तव, उदय, अशोक जायसवाल, आदित्य गिरी, कुलदीप सिंह और अरविंद प्रजापति सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

